राष्ट्र गौरव!President द्रौपदी ने ली PoP की सलामी:Indian Army को 481 युवा अफसर मिले:`वीरता के साथ राष्ट्रभक्ति सबसे ऊपर रखें’-मुर्मु:9 महिला GCs-34 Foreigner GCs भी बने अफसर:राज्यपाल गुरमीत-CM पुष्कर भी बने शानदार परेड के गवाह

Chetan Gurung
राष्ट्रपति एवं सेना के तीनों अंगों की प्रमुख द्रौपदी मुर्मू ने आज देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में पासिंग आउट परेड (PoP) की सलामी ली और अफसर के तौर पर थल सेना में शामिल नौजवानों को सेवा-समर्पण तथा वीरता के साथ ही राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ फर्ज का निर्वाह करने के लिए कहा। पहली बार महिला GCs भी परेड का हिस्सा बनीं।





राष्ट्रपति ने IMA के 158वें नियमित तथा 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड की बतौर RO खुली जीप पर सवार हो के समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी देश की सीमाओं के प्रहरी के साथ ही 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं।




इस बार की PoP की सबसे अहम खासियत पहली बार 9 महिला GCs का पास आउट होना है। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है। इससे महिला-नेतृत्व के विकास तथा सशक्त भारत की अवधारणा को नई ऊर्जा प्रदान करने का संदेश जाएगा। परेड में 481 भारतीय कैडेटों के साथ 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी पास आउट हुए।
सेनाओं के सर्वोच्च Commander द्रौपदी ने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, आपसी विश्वास तथा अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के बढ़ते आयामों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने और उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने के लिए कहा। साथ ही सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने पर बल दिया।
PoP की खासियत Governor लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, CM पुष्कर सिंह धामी का भी परेड के दौरान मौजूद रहना रहा। IMA के Commandant लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के तमाम आला अफसर भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।
आज पास आउट हुई महिला GCs जोश और उनके परिवारों की खुशी देखने लायक थी। परेड बेहद भव्य रही। Chatwood Building में प्रवेश कर परेड का समापन हुआ। आसमान से सेना के helicopters ने फूल बरसाए।



