
Chetan Gurung
बदरीनाथ धाम के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन चमोली की तरफ से ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत आयोजित ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ के समापन समारोह में CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को पर्यटन से जोड़ने पर सीमांत इलाकों में स्वरोजगार के मौके बढ़ जाएंगे। ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आधारित इस समारोह में सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता व उपविजेता प्रतिभागियों को उन्होंने पुरस्कृत किया।







इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बामणी गांव पहुंचकर नंदा अष्टमी उत्सव में ग्रामीणों के साथ शरीक हुए और सामूहिक नृत्य करते हुए कदमों की ताल से ताल भी मिलाई। उनके नृत्य को देख कर लोग उत्साहित और खुश दिखे। पुष्कर ने महोत्सव में महिला स्वयं सहायता समूहों के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की।

उन्होंने सेना की प्रदर्शनी में अत्याधुनिक हथियारों को देखा। हाथों में ले के उनका अंदाज लिया। उन्होंने प्रदर्शनी को युवाओं में देशभक्ति का संचार करने का प्रमुख जरिया करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की आत्मा उसकी लोक संस्कृति में बसती है। राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है।
CM पुष्कर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान और ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत माणा, नीति और जादुंग जैसे सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में पलायन रोकने और आजीविका बढ़ाने के लिए मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, होम स्टे और ‘वेडिंग इन उत्तराखण्ड’ जैसी पहलों को गति दी जा रही है।
उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि राज्य में 3.10 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। कार्यक्रम में सेंट्रल कमांड के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, उत्तर भारत एरिया के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल DG मिश्रा, DM गौरव कुमार और SP सुरजीत सिंह पंवार उपस्थित रहे।



