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अवैध धर्मांतरण पर अब पुष्कर सरकार का देश का सबसे कठोर कानून हाजिर है!धर्मांतरण कराने की कोशिश की तो जिंदगी भर जेल में सड़ेंगे:भारी जुर्माना भी भोगेंगे:मुफ्त शिक्षा-नौकरी-लालच देना या प्रचार के जरिये दूसरे धर्म का महिमामंडन-गुणगान सख्त जुर्म:Cabinet का कठोर फैसला:उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक-2025 को हरी झंडी

बोले CM PSD-संशोधित कानून से लालच दे के धर्म बदलवाने का काला धंधा बंद होगा:धर्म कम से कम 3 साल की सजा:20 साल तक भी कैदी जीवन मुमकिन:Marriage Registration Fee छूट समय सीमा बढ़ी:26 January-2026 तक बढ़ाया वक्फ़ा

Chetan Gurung

पुष्कर सरकार ने धर्मांतरण कानून को अब संशोधित कर बेहद सख्त प्रावधानों के साथ देश का सबसे कठोर कानून बना डाला। अब किसी भी किस्म का प्रचार कर,लालच दे के,मुफ्त ईलाज-शिक्षा-रोजगार देना या फिर दूसरे धर्म का महिमामंडन या गुणगान कर उसके प्रति किसी का रुझान पैदा या प्रेरित करना जिंदगी भर के लिए जेल में सड़ाने के लिए काफी होगा। साथ ही भारी-भरकम जुर्माना अलग देना पड़ेगा। CM पुष्कर सिंह धामी की सदारत में उनकी Cabinet ने आज धर्मांतरण (संशोधन) विधेयक को हरी झंडी दे दी।

नकल कानून के बाद अब देश का सबसे सख्त धर्मांतरण कानून के जनक::CM Pushkar Singh Dhami

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पुष्कर मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक-2025 में ये तय कर दिया कि अवैध धर्मांतरण के लिए Digital Medium-Social Media के जरिये प्रचार पर भी सख्त रोक होगी। इसके पीड़ितों के संरक्षण के लिए और सशक्त प्रावधान जोड़ दिए गए। मंत्रिमंडल ने लालच या प्रलोभन की परिभाषा तय कर दी है।

इसमें उपहार दिया जाना, नकद या वस्तु लाभ, रोजगार, मुफ्त शिक्षा, विवाह का वचन, धार्मिक आस्था को आहत करना या दूसरे धर्म का महिमामंडन–गुणगान करना सख्त जुर्म होगा। Digital-Social Media के साथ ही Messaging App या फिर Online प्रचार के जरिये भी धर्मांतरण के लिए किसी को प्रेरित करने या फिर प्रचार करना जेल की सींखचों के पीछे जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

ऐसा करने वालों को कितनी कठोर सजा से गुजरना पड़ेगा, ये भी पुष्कर मंत्रिमंडल ने साफ कर दिया। इस कानून के उल्लंघन पर 3–10 वर्ष (थोड़ा सामान्य किस्म का भी हुआ तो), 5-14 वर्ष (संवेदनशील वर्ग से जुड़े मामलों में),20 वर्ष या जिंदगी भर की कैद (गंभीर मामलों में) और भारी जुर्माना भी मुमकिन होगा। इसके प्रावधान कर दिए गए हैं। छद्म पहचान और नाम-धर्म छिपा के शादी करने की सूरत में भी  सख्त दंड मिलेगा। ये प्रावधान भी कर दिए गए हैं।

Cabinet ने तय कर दिया है कि पीड़ित के पास संरक्षण, पुनर्वास, चिकित्सा, यात्रा व भरण-पोषण व्यय की व्यवस्था के अधिकार रहेंगे। CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धोखाधड़ी से मासूम युवतियों से विवाह कर उनकी जिंदगी तबाह करने और लोभ-लालच दे के-दबाव या डरा-धमका के अपना धर्म छोड़ दूसरे धर्म को अपनाने के लिए उकसाने की कोशिशों को नए धर्मांतरण कानून के बाद रोक लगने की पूरी उम्मीद है।

PSD ने कहा कि सरकार ऐसी किसी भी गैर कानूनी और अनैतिक कृत्यों को न बर्दाश्त करेगी न ही बख्शेगी। ये तय है कि लालच दे के धर्म छोड़ दूसरा धर्म अपनाने के लिए उकसाने का खेल और काला धंधा अब बंद होगा। सबसे कठोर नकल विरोधी कानून (सरकारी नौकरियों के इम्तिहानों से मुताल्लिक) के बाद पुष्कर सरकार ने धर्मांतरण कानून को अब सबसे कठोर सूरत दी है। मंत्रिमंडल बैठक सचिवालय में दोपहर हुई।

उत्तराखंड सरकार ने इसी के साथ UCC में Marriage Registration Fee छूट की समय सीमा बढ़ा के 26 जनवरी-2026 कर दी। सरकार के मुताबिक विवाह पंजीकरण के लिए नागरिकों की सहभागिता को और अधिक प्रोत्साहित करने की खातिर ये कदम उठाया गया। विवाह पंजीकरण शुल्क 250 रुपये है।

इस संशोधन के संबंध में गृह विभाग की जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि UCC नियमावली के अंतर्गत ऐसे व्यक्ति जिनका विवाह इस संहिता के लागू होने से पूर्व पंजीकृत या तलाक की डिक्री घोषित हुई हो या विवाह निरस्त हुआ हो, अथवा ऐसे नागरिक जिनका विवाह इस संहिता के लागू होने से पूर्व हुआ हो किन्तु जिनका विवाह पंजीकरण नहीं हुआ हो, को इस छूट का लाभ मिल सकेगा।

 

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