
Chetan Gurung
Commissioner of Garhwal विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि धराली और हर्षिल में मलबे में दबे लोगों को युद्धस्तर पर खोजना शीर्ष प्राथमिकता है। अब तक 1278 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। आपदा की मारों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जानी शुरू हो गई है। प्रभावितों के लिए बेहतर राहत-पुनर्वास Package तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि NDRF और अलग से एक विशेष अधिकारी मौके पर तैनात किए गए हैं। SDRF के IG वहीं Camp कर रहे हैं। देहरादून से 10 विशेषज्ञ भूवैज्ञानिकों की विशेष टीम भी भेजी गई है। जिलाधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्र में ही कैम्प कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न, कपड़े व दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है।
मंडलायुक्त ने बताया कि इस आपदा में 43 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी। धराली गांव के युवक आकाश पंवार का शव बरामद हुआ है। मृत युवक के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। शेष लापता 42 लोगों में 9 सेना के जवान हैं। धराली के 8 तथा निकटवर्ती क्षेत्रों के 5, टिहरी का 1, बिहार के 13 और उत्तर प्रदेश के 6 लोग भी लापता हैं।
विनय ने कहा कि 29 नेपाली मजदूरों के लापता होने की भी सूचना मिली थी। मोबाईल नेटवर्क बहाल होने के बाद इनमें से 5 से संपर्क हो चुका है। शेष 24 मजदूरों के संबंध में उनके ठेकेदारों से अधिक विवरण नहीं मिल पाया है। ठेकेदारों से कहा गया है कि इन मजदूरों को जहां से लाया गया है, वहां से उनके मोबाईल नंबर तथा अन्य जानकारी प्राप्त कर सरकार को मुहैया कराएं।
माना जा रहा है कि अभी तक सकुशल मिले 5 मजदूरों की तरह शेष अन्य नेपाली मजदूर भी अन्यत्र जा सकते हैं। केदारनाथ आपदा के दौरान भी लापता बताए गए कई लोग प्रभावित क्षेत्र से वापस अपने घर पहुंच चुके थे। अन्य राज्यों के लापता लोगों के घरों का पता जुटाकर भी उनकी खोज-खबर का प्रयास किया जा रहा है। एक-दो दिन में तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
Commissioner ने कहा कि हर्षिल में भागीरथी नदी पर बनी झील से पानी निकासी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। डबरानी-सोनगाड क्षेत्र में सड़क मरम्मत के लिए मशीनें पहुंचा दी गई हैं। पैदल मार्ग पर सुरक्षा व सहायता के अनेक इंतजाम किए गए हैं। खच्चरों से गैस सिलिंडर भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सड़क बाधित होने के कारण प्रभावित गांवों में प्रशिक्षित आपदा मित्रों एवं पंचायतराज विभाग के माध्यम से लगातार संपर्क किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र में मोबाईल संपर्क उपलब्ध है। Media Briefing के दौरान IG (गढ़वाल) राजीव स्वरूप भी उपस्थित रहे।