Big Breaking::गणेश गोदियाल फिर उत्तराखंड Congress के Supremo:प्रीतम को चुनाव अभियान-हरक को चुनाव प्रबंधन का जिम्मा:कुमायूं के खाते `सिफर’:हरीश रावत को भनक नहीं लगी या आला कमान ने नहीं दिया भाव
तेज तर्रार CM पुष्कर के अश्वमेध यज्ञ के अश्व को रोकने के लिए राहुल गांधी का माटी मानव GG पर दांव!जसविंदर गोगी देहरादून शहर अध्यक्ष
Chetan Gurung
गणेश गोदियाल एक बार फिर संभावनाओं के मुताबिक उत्तराखंड Congress के Supremo बन गए। राहुल गांधी की देख-रेख में चल रही आला कमान ने उनकी मदद के लिए अनुभवी प्रीतम सिंह को Campaign प्रमुख का जिम्मा सौंपा। सुर्खियों के सरताज डॉ हरक सिंह रावत को Election Management की कमान थमा दी। बड़े क्षत्रप हरीश रावत को आला कमान ने तगड़ा झटका दे डाला। वह प्रीतम को अध्यक्ष बनाने के लिए खुल के पैरवी करते रहे हैं। सभी जिलों और शहरों के अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए। देहरादून शहर का अध्यक्ष जसविन्दर सिंह गोगी को बनाया गया है।


Preetam Singh
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Harak Singh Rawat
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खास पहलू ये है कि Congress ने तीनों अहम कुर्सियों के लिए गढ़वाल पर यकीन करना बेहतर समझा। कुमायूं के हिस्से सिफर आया। पार्टी ने CM पुष्कर सिंह धामी के सरपट दौड़ रहे अश्वमेध यज्ञ के अश्व को थामने की अहम ज़िम्मेदारी GG को सौंप के साफ किया कि माटी मानव पर उसका भरोसा कायम है। गणेश पहले भी PCC प्रमुख रह चुके हैं। पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में वह मामूली अंतर से हार से दो-चार हुए थे।

गोदियाल ने करण माहरा की जगह ली। जो लगातार किसी न किसी किस्म के विवादों में घिरते रहे थे। पार्टी के भीतर उनके खिलाफ खुल के असंतोष की बयार एक गुट ने पैदा कर दी थी। उनकी कुर्सी छिननी तय थी। गुजरे जमाने के दिग्गज हरीश रावत ने कुछ दिन पहले साफ कहा भी था कि प्रीतम सिंह उनकी जगह लेने के लिए उनकी पहली पसंद हैं। उन्होंने GG का नाम नहीं लिया था।
उनके लिए एक झटका ये है कि हरक को बहुत ही बड़ी ज़िम्मेदारी मिली है। हरक ने ही कभी Congress छोड़ के BJP में अन्य MLAs के साथ जा के उनकी सरकार गिराई थी। वह कुमायूं के कद्दावर समझे जाते हैं। इसके बावजूद अध्यक्ष समेत तीनों ताज गढ़वाल के सूरमाओं के माथे पर सज गए। इसका फायदा BJP उठा सकती है। वह कुमायूं में इसका शोर मचा के वहाँ के लोगों का ध्रुवीकरण अपने हक में कर सकती है कि Congress उसको तवज्जो नहीं देती है।
प्रीतम चकराता-जौनसार से और हरक भी G2 की तरह पौड़ी से आते हैं। काँग्रेस को तीनों नए सूबेदारों से उम्मीद होगी कि वे भी मुख्यमंत्री पुष्कर को मिल के कड़ी टक्कर देंगे। PSD को विपक्ष के हर दांव को मटियामेट करने में हुनर रखने के लिए जाना जाता है। G2-PS-HSR की तिकड़ी साल-2027 के विधानसभा चुनाव में पुष्कर की अगुवाई वाले रथ को उत्तराखंड में रोक लेते हैं तो ये उनकी बहुत बड़ी कामयाबी होगी।



