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Big Breaking::बहुचर्चित `जेनी’ जिन्न Returns:बोली,`हरक ही मेरे बेटे का बाप:DNA Test हो:CBI जांच Re-Open किया जाए’:कहा,`अंकिता भण्डारी को इंसाफ मिला,मुझे भी दिलाएँ CM सर’: कहा,`2 महीने मैं हरक के यमुना कॉलोनी बंगले में रही-सिर्फ 16 साल की थी तब’:BJP MP महेंद्र भट्ट को दी Clean चिट:कहा,मैं उनको जानती ही नहीं

Assembly elections से पहले अचानक बदले हालात से सकते में Congress:BJP को हमलावर होने का मौका मिला

Chetan Gurung

सवा दो दशक पहले उत्तराखंड की सियासत में बवंडर मचाने और उस वक्त की ND तिवारी सरकार में बुरी तरह खलबली मचा कर कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत को भरी विधानसभा में आँसू भरी आँखों और भरे गले के साथ इस्तीफे का ऐलान करने वाली जेनी (असल नाम इन्दिरा देवड़ी) ने आज दिवाली से एक दिन पहले अचानक देहरादून के Press Club पहुँच के साफ-साफ खुलासा कर के Atom Bomb सरीखा धमाका कर डाला कि उसके बेटे का बाप हरक सिंह रावत ही है। न कि BJP के प्रदेश अध्यक्ष और MP महेंद्र भट्ट या कोई और। हरक ने उसका Rape कर गर्भवती किया तो वह तब महज 16 साल की थी। उसने CM पुष्कर सिंह धामी से गुजारिश की कि जिस तरह उन्होंने अंकिता भण्डारी को इंसाफ दिलाया, उसी तरह उसको भी न्याय दिलाया जाए। उसने मांग की कि CBI जांच को Re-Open किया जाए और उसके बेटे और उसके जैविक पिता हरक के DNA की जांच फिर की जाए।

काँग्रेस नेता हरक सिंह रावत के लिए जेनी के आरोपों से दिक्कतें बढ़ सकती हैं

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साल-2003 में जेनी ने एक बच्चे को जन्म देने के साथ ही ये कह के सनसनी और उत्तराखंड की राजनीति में तूफान मचा दिया था कि मंत्री हरक के साथ शारीरिक संपर्क से वह गर्भवती हुई और बच्चा हुआ। उस दौर की Congress सरकार के CM NDT हुआ करते थे। उनके लिए जेनी के आरोपों का जवाब तलाशना भारी साबित हो रहा था। विधानसभा सत्र में तब BJP ने बतौर विपक्ष सरकार की सांस थाम सी ली थी। सत्र के दौरान आखिर हरक ने इस्तीफे का ऐलान जब किया तो उनकी आँखों से आँसू झर-झर बह रहे थे। अंदर की खबर ये थी कि NDT (अब मरहूम) ने उनको सुबह सत्र शुरू होने से पहले इस्तीफा देने के लिए कह दिया था। पार्टी आला कमान का यही आदेश था।

हरक की राजनीति तब तकरीबन तबाह सी हो गई थी। इसके बाद जेनी कहीं खो सी गई थी। इन दिनों अचानक जेनी को ले के हरक और Congress आए दिन BJP सरकार पर प्रहार कर रहे हैं। हरक ने कभी महेंद्र भट्ट तो कभी मुख्यमंत्री पुष्कर को निशाने पर लेते हुए कहा कि बच्चे के बाप कहीं वो तो नहीं। उन्होंने भट्ट के DNA टेस्ट की मांग करते हुए सफाई दी कि उनको CBI जांच में क्लीन चिट दी जा चुकी है। DNA टेस्ट में भी उनके खिलाफ कुछ नहीं निकला था।

हरक और Congress आज अचानक जेनी के पत्रकारों के सामने प्रकट होने से अब Backfoot पर है। जेनी के आरोपों की मजबूत काट दोनों के पास नहीं दिख रही। खतरे की बात हरक के लिए ये है कि जेनी ने ये कह के उनके सामने सन्नाटे सी दशा पैदा कर दी कि वह जब Pregnant हुई तब सिर्फ 16 साल की थी। हरक कहते हैं कि उन्होंने पहले जेनी को देखा ही नहीं लेकिन वह 2 महीने तक उनके यमुना कॉलोनी (देहरादून) आवास पर रही थी। जब उसके बच्चे के पैदा होने के बाद मामला उछला तो उसको तब की Congress सरकार ने बुरी तरह प्रताड़ित किया।

जेनी ने आरोप लगाया कि उसको पहले तो पागलखाने भेजा गया। वहाँ नन्हें से बच्चे के साथ मानसिक तौर पर दिव्यांग मरीजों के साथ रहना पड़ा। करीब 100-150 पुलिस वाले एक दिन आए और उसको ये कह के देहरादून छोड़ने के लिए मजबूर किया कि दुबारा उत्तराखंड कभी दुबारा पैर मत रखना। इन दिनों उसने जब देखा कि उत्तराखंड में उसके नाम से राजनीति की जा रही है तो उससे रहा नहीं गया। इसी खातिर वह यहाँ आई। उसने चेतावनी दी कि उसके नाम पर राजनीति को बंद किया जाए। जो ऐसा करेगा वह उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेगी।

जेनी के आज लगाए गए आरोपों में कुछ तो बेहद गंभीर और अत्यंत संवेदनशील है। मसलन ये कहना कि उसके साथ जब हरक ने उनके साथ अपने आवास,राजपुर रोड स्थित मधुबन होटल और मसूरी में शारीरिक संपर्क किया तो वह नाबालिग थी। ये आरोप साबित हुए तो हरक के लिए दिक्कतें बहुत बढ़ जाएंगी। चुनाव के मौसम में Congress के अभियानों को बहुत बड़ा झटका लगेगा। हरक इन दिनों उत्तराखंड काँग्रेस के प्रमुख चुनिन्दा चेहरों में शुमार हैं। उनके काँधों पर भी चुनाव जितवाने का भार है।

जेनी ने हरक के इस दलील को भी उधेड़ने की कोशिश की कि DNA टेस्ट में कुछ नहीं साबित हुआ है। उसने कहा कि उसके बेटे का Sample लिया ही नहीं गया तो फिर DNA टेस्ट की रिपोर्ट कैसे आ गई! CBI जांच में हरक को क्लीन चिट के बाबत भी उसने कहा कि अब वह हिन्दी बोल-समझ लेती है। तब उसको 1 फीसदी हिन्दी ही आती थी। CBI और पुलिस किस कागज पर किस इबारत पर दस्तखत करवाती थी,उसको कुछ नहीं मालूम। नार्को टेस्ट हो तो हकीकत सामने आएगी।

जेनी ने कहा कि CBI ने जांच के दौरान भी तब सिर्फ एक बार उससे पूछताछ की थी। वह दुबारा कभी आई ही नहीं। वह चाहती है कि CBI अब फिर से जांच शुरू करे और दूध का दूध,पानी का पानी हो। उसने ये कह के एक किस्म से Congress के अंकिता भण्डारी मामले में सरकार पर हमलों को भोथरा करने की कोशिश की कि उसको CM सर ने इंसाफ दिलाया है। मुझको भी इंसाफ दिलाएँ। मेरी मांग है कि मेरे 23 साल के हो चुके बेटे को हरक पिता के तौर पर अपना नाम दें।

जेनी ने ये भी आशंका जताई कि उसकी जान को खतरा है। वह इसलिए यहाँ नहीं रहेगी। Congress नेता हरक ने जेनी के आरोपों पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके खिलाफ BJP ने साजिशन जेनी से झूठे आरोप लगवाए गए हैं।

 

 

 

 

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