
Chetan Gurung
रक्षा बंधन से 5 दिन पहले ही बहनें अपने मुख्यमंत्री भाई पुष्कर सिंह धामी की कलाई खूबसूरत-रंगीन राखियों से बांधने उमड़ पड़ी। CM PSD ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प जताया। रविवार को उनको राखी बांधने के लिए महिलाओं के दो आयोजन Survey Stadium,हाथी बड़कला और GMS Road स्थित चौधरी फार्म हाउस पर हुए। मुख्यमंत्री ने पहले GMS Road पहुंचे। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं में पुष्कर को रक्षा सूत्र बांधने के लिए बेहद उत्साह नजर आया।





Survey Stadium में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधने वालों में मंत्री गणेश जोशी की पत्नी और बेटी समेत भारी संख्या में महिलाएं उमड़ पड़ीं
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महिलाओं ने राखी बांधने के साथ ही PSD के अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अपने घर-परिवार के बीच सरीखे महसूस कर रहे हैं। मातृशक्ति से मिल रहा स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। यह पर्व सिखाता है कि रिश्ते केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन से मजबूत होते हैं।



उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान केवल हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कार का आधार है। नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और संस्कृति की भी मूल शक्ति है। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है। आज महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर देश की सीमाओं तक, घर-परिवार से लेकर उद्योग और व्यवसाय तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने ‘नारी तू नारायणी’ के भाव को शासन की नीतियों और कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया है। केंद्र सरकार की नीतियों के केंद्र में मातृशक्ति का सम्मान और कल्याण सर्वोपरि है। उत्तराखंड सरकार भी मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
CM पुष्कर ने कहा कि उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के माध्यम से सभी वर्गों की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। युवाओं का ख्याल रखते हुए उनकी सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी। भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार भी किए हैं। नकल विरोधी कानून लागू किया गया। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई तथा योग्य युवाओं के साथ अन्याय रोकने के लिए कठोर व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
PSD ने कहा कि आज वह मुख्यमंत्री नहीं बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच उपस्थित हैं। उन्होंने मातृशक्ति से कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कभी कोई परेशानी हो तो वह निःसंकोच अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती हैं। उनकी समस्या का संज्ञान लेकर उसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। वह भाई होने के अपने दायित्व को निभाने का पूरा प्रयास करेंगे। महिलाओं के लिए उन्होंने रक्षा बंधन पर 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा की घोषणा की।
इस कार्यक्रम में आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला उपस्थित रहे। सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में मंत्री गणेश जोशी को भी महिलाओं ने राखी बांधी। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर,BJP की प्रदेश मंत्री नेहा जोशी भी उपस्थित रहीं। कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने स्नेह पूर्वक मुख्यमंत्री पुष्कर को गले लगा लिया।



