Big Breaking!साजिश का भांडाफोड़::चंपावत Gang Rape जांच में फर्जी निकला:नाबालिग लड़की ने Court के सामने माना कि उसके साथ नहीं हुआ दुष्कर्म:जिन पर आरोप थे, वे मौका-ए-वारदात पर नहीं थे:Mastermind कमल रावत-महिला मित्र-अन्य साजिशकर्ताओं पर शिकंजा!
Medical जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई:न ही चोट या रस्सी से बांधने के चिह्न मिले-SP रेखा

Chetan Gurung
चंपावत में 16 साल की लड़की के Gang Rape का मामला Police की विशेष जांच में साजिश का हिस्सा और पूरी तरह फर्जी निकला। SP-Champawat रेखा यादव ने कहा कि बदले की भावना से साजिश कर्ता ने तथाकथित पीड़िता का इस्तेमाल किया। ये भी पाया गया कि जिन विनोद सिंह रावत,नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत पर आरोप लगाए गए थे, वे मौका-ए-वारदात पर ही नहीं थे। दुष्कर्म की शिकार बताई गई नाबालिग ने Court में बयान दिया है कि न तो उसके साथ दुष्कर्म हुआ है न ही ये मामला ऐसा है, जैसा बताया जा रहा है। CO की अगुवाई में 10 सदस्यीय Special Task Force का गठन कर इस मामले की युद्ध स्तर पर जांच की गई थी।

SP रेखा ने DM मनीष कुमार की मौजूदगी में Press Conference में कहा कि नाबालिग तथाकथित पीड़िता की माँ का पहले ही निधन हो चुका है। उसके पिता बीमार रहते हैं। उनको ईलाज कराने का आश्वासन दे के उनको खामोश रखने की कोशिश साजिशकर्ताओं ने की। पुलिस को ये शिकायत किसी अजीता राय ने फोन नंबर 102 पर की थी कि पीड़िता लापता है। जिसने फोन किया वह भी कमल की मित्र पाई गई है। कप्तान के अनुसार तकनीकी और Manual जांच में पीड़िता के बयान में विरोधाभास पाया गया।
SP RY ने कहा कि साक्ष्यों को इकट्ठा करने पर मालूम चला कि घटना वैसी नहीं है, जैसी बताई जा रही। पीड़िता ने ये भी कहा कि उसके साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ है। कमल रावत और उसकी महिला मित्र इस साजिश के पीछे थे। कमल ने पूर्व में एक एक मामले को ले के बदले की भावना से साजिश को अंजाम दिया। पीड़िता को उसने हथियार बनाया। पीड़िता के मित्र विनोद के साथ साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। जगह के लिए पहले पीड़िता के दोस्त की शादी के समारोह स्थल को चुना गया था। योजना ये बनाई गई थी कि युवती के दोस्त विनोद के घर जा के वहाँ साजिश को अंजाम देंगे।
पुलिस के मुताबिक विनोद पहले ही समारोह स्थल से निकल गया था। लिहाजा अन्य जगह को साजिश के हिस्से मौका-ए-वारदात के तौर पर चुना गया। जो विनोद के एक परिचित नवीन कुमार सिंह की डेयरी थी। नवीन के इस साजिश में शरीक होने का कोई प्रमाण नहीं है। वह कहीं और रहता है। यहाँ सिर्फ एक कमरे में ताला लगाया जाता था। दूसरा खुला रहता था। किशोरी पीड़िता ने स्वीकार किया कि उसने जो भी आरोप लगाए, वह कमल के कहने पर किया। वह सल्ली गाँव में शादी में अपनी इच्छा से दोस्त के साथ गई थी। कथित Gang Rape के दिन वह कई स्थानों पर गई और आई, ये CCTV और CDR से साबित हो गया।
पुलिस कप्तान के मुताबिक नाबालिग ने ये भी कहा कि जिनको नामजद किया गया है, उनका प्रकरण से कोई नाता नहीं है। पीड़िता को साजिश रचने वाले ने झूठा प्रलोभन दिया था कि उसके पिता का ईलाज किया जाएगा और आर्थिक मदद की जाएगी। वह कमल रावत के झांसे में आ गई थीं। Court में तथाकथित पीड़िता ने ये सब स्वीकार किया है। फिलहाल जांच पिछली FIR के आधार पर ही हो रही। अभी कथित मुख्य साजिशकर्ता कमल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता नाबालिग है। लिहाजा उसको साजिशकर्ता के तौर पर शामिल नहीं किया जाएगा। जांच में कुछ गवाहों के बयान तकनीकी और परिस्थितजन्य साक्ष्यों से मेल नहीं खा रहे।
SP ने कहा कि कमल पर शक तब हुआ, जब जांच में पाया गया कि तथाकथित पीड़िता,कमल रावत और उसकी महिला मित्र के मध्य घटना वाले दिन Call पर बहुतअधिक असामान्य रूप से बात होना भी जांच में पाया गया। जब पीड़िता से पूछा गया तो उसने कुबूल किया कि उसके साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ। Medical जांच में इसकी पुष्टि हुई। पीड़िता ने माना कि उनके रिश्ते के चाचा और अन्य ने मिल के उसको साजिश का हिस्सा बनाया। CMO-Champawat ने बताया कि Medical जांच में लड़की को रस्सी से बांधने के भी निशान नहीं पाए गए। न ही किसी किस्म की चोट या ज़ोर-जबर्दस्ती के चिह्न पाए गए।
इस तथाकथित Gang Rape का मामला सामने आने से बवंडर मच गया था। सरकार ने फौरन इस बाबत कार्रवाई शुरू कर दी थी। Social Media में इस मामले को ले के खूब हंगामा मच गया था। Congress भी इस मामले पर हमलावर हो गई थी। Police जांच,Medical Reports और खुद तथाकथित पीड़िता के बयानों से पूरा मामला उलट गया। इस मामले में अब जल्द साजिशकर्ताओं पर फंदा कसा जाना तय है।



