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Big Story::Assembly Elections से पहले सेनापतियों की आपसी जंग-साजिश से Congress हलकान! PCC Chief गोदियाल चाहते हैं कि साजिश रचने वालों के नामों का हो खुलासा:मौजूदा हालात में मोदी-शाह के तिलिस्म-तेज तर्रार CM पुष्कर के कौशल के फंदे से Congress का बच पाना मुश्किल!

Chetan Gurung

Congress के उत्तराखंड के अध्यक्ष गणेश गोदियाल को हटाने की साजिश का पर्दाफाश होने से लोग हैरान और खुद इस मामले से जुड़े लोग अब घबराए हुए हैं। उनको ये आशंका साता रही कि वे कहीं पुलिस कार्रवाई के दायरे में न आ जाएँ या फिर उनके नामों का आधिकारिक तौर पर खुलासा न हो जाए। अंदरखाने की खबर है कि CM पुष्कर सिंह धामी अपनी पार्टी BJP से जुड़ा मामला न होने के बावजूद इस मामले पर पैनी नजर रखे हुए हैं। माना तो ये भी जा रहा है कि उनके निर्देश पर ही देहरादून में भी गोदियाल के खिलाफ साजिश और ठगी का मामला दर्ज किया गया। काँग्रेस प्रमुख GG ने पत्रकारों से कहा कि पुलिस को उन सभी लोगों के नाम उजागर कर देने चाहिए, जो उनको पदच्युत करने की साजिश में जुटे हुए थे। वे चाहे Congress के लोग हों या फिर कोई अन्य। लोकतन्त्र की मजबूती से उत्तराखंड को बचाए रखने के लिए ये जरूरी है। Assembly Elections के एक साल से भी कम अरसा रह जाने और PM नरेंद्र मोदी-HM अमित शाह के जलवा-चातुर्य तथा CM पुष्कर सिंह धामी के सियासी कौशल से पार पाने का सपना सेनापतियों में आपसी जंग छिड़ जाने और ऐयारी का दौर शुरू होने से Congress का एक बार फिर उत्तराखंड में चकनाचूर हो जाए तो ताज्जुब नहीं होगा। मोदी-शाह-पुष्कर की घातक तिकड़ी का उसके पास कोई जवाब फिलहाल नहीं दिख रहा।

PM मोदी-HM अमित शाह-CM पुष्कर सिंह धामी की घातक तिकड़ी के सामने मौजूदा हाल से गुजर रही Congress क्या खड़ी रह पाएगी?

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गोदियाल खुल के बोल रहे हैं कि उनके खिलाफ साजिश रचने वाले कुछ बाहर के और कुछ घर के लोग हैं। उनके पास सभी के नाम हैं। पुलिस के मुख से आधिकारिक खुलासे का इंतजार कर रहे हैं। ये बात दीगर है कि वह और अन्य सभी फर्जी कनिष्क सिंह (राहुल गांधी के तथाकथित PA) के झांसे और जाल में फंस गए। साज़िशों का भांडा फूट गया तो PCC प्रमुख के खिलाफ सारी चालबाजी और साज़िशों का मकड़जाल भी छिन्न-भिन्न हो गया। Congress के सूत्रों के मुताबिक गोदियाल को मालूम चल चुका है कि कौन वे चेहरे हैं,जिनको वह बतौर अध्यक्ष बर्दाश्त नहीं हैं। जो उनको हटाना चाहते हैं।

फर्जी कनिष्क की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड में सियासी वनवास खत्म कर सत्ता में बैठने की ख़्वाहिश पाले बैठी काँग्रेस खुद ही हिल गई है। इसमें BJP और पुष्कर सरकार को एक तिनका उठाने के बराबर भी दम नहीं लगाना पड़ा। दिलचस्प पहलू ये है कि फर्जी कनिष्क ने गोदियाल को फोन पर गीदड़ भभकी दी कि पैसे का बंदोबस्त करो नहीं तो उनकी कुर्सी बची नहीं रहेगी। गोदियाल ने स्वीकार किया कि एक बारगी उनको भी यकीन हो गया था कि फोन पर उनसे बात करने वाला वाकई राहुल गांधी का करीबी है। उन्होंने अलबत्ता ये कह के उसको झटका दे दिया कि जो भी करना है करो, लेकिन वह पैसा नहीं देने वाले हैं। इसी फर्जी शख्स ने Congress के कम से कम 2-3 बड़े नामों को भी झांसे में लिया कि वह गोदियाल से उनको मुक्ति दिला देंगे। इसमें एक पूर्व मंत्री से ताल्लुक रखने वाली एक महिला नेता का भी नाम है।

साजिश और चालबाजी का हांडी फूट जाने तक भी वे सभी फोन करने वाले फर्जी शख्स के फंदे में फंसे हुए थे। उन्होंने उसकी बातों में फंस के अपनी जेब ढीली की या नहीं, ये साफ नहीं हुआ है। जलजला लाने और तूफान मचाने वाले बयानों से Social Media और अखबारों-News Channels में बीच-बीच में सुर्खियां और TRP बटोरने में माहिर भावना पांडे को जरूर फर्जी कनिष्क ने बाखूबी अपने जाल में फंसा डाला था। उनसे पैसे भी ऐंठ डाले। भावना ने भी पत्रकारों के सामने खुद के साजिश और ठगी में फंसना स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि उनकी बात फोन पर गोदियाल और अन्य काँग्रेस के बड़े नेताओं से भी उसने कराई। ऐसे में उस फर्जी शख्स पर यकीन न होने का सवाल ही नहीं था।

देहरादून पुलिस के पास काँग्रेस के साजिशकर्ता नेताओं के नाम हैं, ऐसा कहा जा रहा है। इन नामों का खुलासा आधिकारिक तौर पर हो जाता है तो काँग्रेस में बवंडर मचना और तबाही की सुनामी आने से कोई नहीं रोक पाएगा। काँग्रेस के साजिशकर्ताओं का खुलासा हो जाता है तो उनमें से अधिकांश की Congress से विदाई तय मानी जा रही है। गोदियाल और पार्टी आला कमान इसमें कोई उदारता बरतने को राजी नहीं हैं। विधानसभा चुनावों से पहले उत्तराखंड Congress ने आपस की फूट और चालबाजी-साज़िशों से खुद को Acid से भरे टैंक में खुद ही कूद जाने की डगर पर कदम रख दिए हैं।

BJP इस मामले पर गहरी नजर जमाए हुए है। CM पुष्कर के लिए विधानसभा चुनाव की समरभूमि खुद-बा-खुद जंग फतह करने के नजरिए से आसान होती दिखने लगी है। PSD सरीखे तूफानी-तेज तर्रार मुख्यमंत्री के रहते Congress पहले ही लगातार उत्तराखंड में हिचकोले खाती रही है। अब वह एकदम ही जमीन पर धंस जाए तो ताज्जुब नहीं होगा।

 

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