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IIT-Roorki ने Winner-ONGC ने Runners Up Trophy कब्जाई:Governor-CM पुष्कर ने बांटे Prizes:भारी भीड़-नाकाफी Parking बंदोबस्त से जूझे दर्शक

Chetan Gurung

Governor House लोक भवन में खूबसूरत-रंग-बिरंगे फूलों की दुनिया में खुद को खोने के लिए पहुंचे लोगों के मध्य आज तीसरे और आखिरी दिन वसंतोत्सव के अलग-अलग श्रेणी के विजेताओं को राज्यपाल Lt Gen (Ret) गुरमीत सिंह और CM पुष्कर सिंह धामी ने पुरस्कार बांटे।  IIT-Roorki ने Running Trophy पर कब्जा जमाया। भीड़ प्रबंधन ठीक न होने और Parking बंदोबस्त कम पड़ने से अलबत्ता हजारों की तादाद में उमड़े दर्शकों को भारी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।


IIT-रुड़़की ने 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीत कर दबदबा कायम किया। वह प्रथम स्थान पर रही 4 श्रेणियों में विजेता बन के ONGC ने दूसरा स्थान पाया।  वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप श्रेणियों में 161 पुरस्कार बांटे गए। राज्यपाल गुरमीत और मुख्यमंत्री पुष्कर ने पुष्प प्रदर्शनी, रंगोली-बच्चों की चित्रकला,फोटो प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। वसंतोत्सव में इस वर्ष पहली बार Governors Award शुरू किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, महिला कृषकों तथा स्टार्ट अप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों को इस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव में लगभग साढ़े तीन लाख दर्शकों के चेहरे पर जो प्रसन्नता और संतोष दिखाई दी, वह इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। वसंतोत्सव-2026 की मूल भावना यह रही कि फूलों के माध्यम से व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, संतुलन और रचनात्मकता का संचार हो।

CM पुष्कर ने कहा कि वसंतोत्सव उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नवाचार के समन्वय से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाई जा सकती है।

कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी, सचिव- राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, सचिव उद्यान SN पांडे,अपर सचिव रीना जोशी, निदेशक (उद्यान) SL सेमवाल उपस्थित रहे।

वसंतोत्सव के आयोजन को लोकप्रियता और बेहद पसंद किए जाने के बावजूद इस अहम बिन्दु को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है कि अवाम के लिए वाहनों की पार्किंग और 2 KM तक पैदल चल के लोक भवन पहुँचना भी बहुत दिक्कत और दर्दभरा रहा। रोजाना तकरीबन लाख के करीब लोग छोटे से आयोजन स्थल पर उमड़े। इतने लोगों को सहने के लिए लोक भवन तैयार नहीं दिखा।

पार्किंग के लिए सेना के चीड़ बाग के सामने के खाली स्थान,महेंद्र ग्राउंड तक को Identify किया गया था। जो बहुत दूर थे। खास तौर पर अधिक आयु के पुरुषों-महिलाओं और बच्चों के लिए इतना पैदल चलना आसान नहीं रहा।

 

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