नदी बेसिन प्रबंधन-Nature Based Solution पर अहम मंथन:International Conference में नौकरशाहों-Experts ने मौजूदा हालात पर जताई फिक्र

Chetan Gurung
International Union for Conservation of Nature की BRIDGE ग्लोबल थीमैटिक International Conference के दौरान नदी बेसिन प्रबंधन एवं प्रकृति आधारित समाधानों पर आला नौकरशाहों-Experts ने भरपूर मंथन किया।

23 से 27 फरवरी तक देहरादून में आयोजित Conference को International Union for Conservation of Nature (IUCN) की तरफ से आयोजित किया गया। एशिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका एवं यूरोप से लगभग 18–20 प्रतिनिधियों ने इसमें शिरकत की। नदी बेसिन प्रबंधन, एकीकृत जलागम प्रबंधन (IWRM) तथा Nature-based Solutions के अंतर्गत कार्यक्रमों की समीक्षा एवं भावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
IUCN के 18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आज सचिव (जलागम) दिलीप जावलकर से सचिवालय में शिष्टाचार भेंट भी की। सचिव दिलीप ने प्रदेश में पलायन एवं जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि पर पड़ रहे दुष्प्रभाव तथा मृदा अपरदन पर फिक्र जताई. प्रतिनिधिमंडल ने उनको प्राकृतिक जलस्रोत संरक्षण एवं स्प्रिंग-रीचार्ज मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
IUCN की रिजनल कॉर्डिनेटर मिलिंद गुप्ता ने उत्तराखण्ड के वेटलैंड्स की स्थिति एवं संरक्षण उपायों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल के जान डाल्ट्न ने प्राकृतिक स्रोत (Natural Spring) पुनर्जीवन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग प्रदान करने तथा भविष्य में फिर उत्तराखण्ड आने का वादा किया।
इस अवसर पर अपर सचिव जलागम हिमांशु खुराना, अपर सचिव (पेयजल) अपूर्वा पांडेय, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी SARRA कहकशां नसीम मौजूद थीं।



