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World Disaster Management Summit:आपदा से निबटने के लिए मजबूत Eco-System को अपनाना-आपदा से सबक लेना जरूरी-Governor गुरमीत:Graphic Era में आयोजित Summit में लिए गए कई संकल्प

Chetan Gurung

Governor Lt General (Ret) गुरमीत सिंह ने आज World Disaster Management Summit-2025 में आपदा से निबटने के लिए मजबूत Eco System और वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ाने की दरकार जताने के साथ कहा कि हर आपदा से सबक लेना होगा।

Graphic Era Deemed to be University में आयोजित Summit के समापन पर Summit को उन्होंने आंदोलन और क्रांति करार देते हुए इसमें हर किसी से शरीक होने के लिए कहा। Science-Technology और AI का इस्तेमाल-मदद लेना होगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी है कि वे प्रकृति का ध्यान रखने के साथ ही यहाँ के संसाधनों की रक्षा करें। Graphic Era Group of Institutions के Chairman  डॉ कमल घनशाला के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ T(Technology),H (Health) और E (Education) जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में बहुत योगदान दिया है।

पर्यावरणविद डॉ अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि Global Warming असल में एक Warning है। कुदरत के साथ हमने जैसा व्यवहार किया है, आपदाएं उसी का परिणाम हैं। हाल की बाढ़ मिसाल हैं कि आपदाएं कहीं भी आ सकती हैं। कहीं भी कोई सुरक्षित नहीं है। पिछले अनुभवों से सीखकर हमें ऐसी योजनाएं बनानी होंगी जिनमें सबकी भागीदारी हो। NDMA Member राजेंद्र सिंह ने भारत को सबसे ज्यादा आपदा जोखिम वाले देशों में बताते हुए इससे बचने के लिए मजबूत Infrastructure-Planning-समुदायों को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

Summit के आयोजक और  यूकोस्ट के DG डॉ दुर्गेश पंत ने 50 से अधिक देशों के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, राजनयिकों और नीति निर्माताओं की भागीदारी को बहुत महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि आपदाओं से पहले उनसे निपटने की तैयारियां की जानी चाहियें। हिमालय की गोद में रहने वालों को हिमालय की बात करनी चाहिये।

DEGI प्रमुख डॉ कमल घनशाला ने कहा कि आपदाओं से नुक्सान को कम करने के लिए संचार बहुत आवश्यक है। संचालन डॉ MP सिंह ने किया। डॉ दुर्गेश और डॉ घनशाला ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किये। उत्तराखंड के जल स्रोतो पर एक पुस्तक का विमोचन भी इस दौरान किया गया।

World Summit-2025 के घोषणा पत्र में आपदाएं रोकने के लिए सुरक्षित, ज्यादा मजबूत और ज्यादा सस्टेनेबल दुनिया के लिए काम करने की सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई गई। सुबह आपदा प्रबंधन में सामूहिक सहयोग पर आयोजित सत्र में उत्तराखंड पुलिस के ADG अभिनव कुमार, सेतु निगम के वाइस चेयरमैन राज शेखर जोशी, NDMA के लीड कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर बहल, इंडिया फाउंडेशन के शास्तव सिंह ने आपदा प्रबंधन ने व्याख्यान दिए।

–Summit में ये तय हुआ—

  • कुदरती खतरों और इंसानों की वजह से होने वाली आपदाओं की बढ़ती फ्रीक्वेंसी और कॉम्प्लेक्सिटी—जिसमें एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट से बाढ़ और जंगल की आग से लेकर उभरती पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी तक शामिल हैं।
  • आपदा के रिस्क को कम करने और तैयारी को मज़बूत करने में इंटरनेशनल कोऑपरेशन, साइंटिफिक रिसर्च, टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट और शेयर्ड गवर्नेंस की भूमिका है।

 

 

 

 

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