
Chetan Gurung
नवरात्र पर BJP की पहली महिला महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने पार्टी के प्रदेश HQ में पूरे पूजा-पाठ के बाद Charge संभाला। ये सवाल भी तत्काल सियासी वायुमंडल में तैरने लगा कि क्या अब अगली बारी CM पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों के Charge संभालने की है? क्या ऐसा अब वाकई होगा? क्या कुछ मंत्री विदा भी हो सकते हैं? इस पर भी जल्दी कुछ फैसला आने के कयास एक बार फिर ज़ोर पकड़ने लगा। विधायकों की CM पुष्कर सिंह धामी से मुलाकातों की बढ़ती रफ्तार-तादाद ने इसको रफ्तार दी है।
प्रदेश महामंत्री दीप्ति ने प्रदेश कार्यालय में वेदमंत्रों के बीच हवन–पूजन कर संगठन के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण का संकल्प दोहराया। उनके नाम के नारे भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने लगा के माहौल में उत्साह भरा। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, महामंत्री (संगठन) अजय, प्रदेश उपाध्यक्षगण, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार एवं तरुण बंसल कई मोर्चा पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

CM पुष्कर सिंह धामी क्या अब मंत्रिमंडल विस्तार या बदलाव पर भी लेंगे फैसला?संगठन में नई नियुक्तियों पर उनकी ही छाप है
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नवनियुक्त महामंत्री को चुनरी और माल्यार्पण कर वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सम्मानित किया। दीप्ति रावत भारद्वाज ने शहीद स्मारक पहुँच के उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का उत्तराखंड ही उनके कार्य का ध्येय रहेगा।

देहरादून के Mayor सौरभ थपलियाल ने दीप्ति रावत को गुलदस्ता दे के बधाई दी
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BJP प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा,“मैं इस दायित्व को सेवा का अवसर मानती हूँ। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मातृशक्ति की भागीदारी, युवाओं की ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की चिंता को केंद्र में रखकर मैं संगठन और समाज के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करूँगी।”
नवरात्र को ले के ये कयास भी लगातार चल रहे कि क्या सरकार में कुछ मंत्रियों को अलविदा कर के नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है? कम से कम 2-3 मंत्रियों के नाम पर पत्रकारों और सियासत की दुनिया में चर्चा रहती है कि वे शायद अपनी अंतिम पारी खेल चुके हैं। बदलाव हुआ तो उन पर गाज गिर सकती है।
इसके उलट कुछ नाम मंत्रिमंडल या मंत्रिपरिषद के हिस्सा बनने के बाबत लिए जा रहे हैं। इनमें कुछ मुख्यमंत्री पुष्कर के काफी करीबी हैं तो कुछ जातीय और क्षेत्रीय समीकरण के लिहाज से संभावित खांचे में फिट बैठते दिखते हैं। नवरात्र में मंत्रियों की विदाई या नए चेहरों के प्रवेश की चर्चाओं और संभावनाओं को हाल के दिनों में CM और प्रदेश BJP अध्यक्षों के उन बयानों ने हवा दी, जिसमें उन्होंने कहा कि इस पर कार्य और कसरत चल रही है।
इस पर कब तक अमल होता है, या होता भी या नहीं, इस पर सभी की नजरें गड़ी हुई हैं। ये तय दिखता है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार के आसार मजबूत हैं। खास तौर पर ये देखते हुए कि 5 मंत्रियों की कुर्सी खाली है और साल-2027 के assembly Elections के लिए BJP-CM के पास कुछ खास सोच और रणनीति हो सकती है। सभी खाली कुर्सियों को भर के पार्टी-सरकार में जोश भरा जा सकता है और सरकारी कामकाज और सांगठनिक गतिविधियों में और जान भरी जा सकती है।
कुछ विवादित या फिर अपने कामकाज से अवाम संग कार्यकर्ताओं में भी अलोकप्रिय हो रहे मंत्रियों को Exit Door भी दिखाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा। खाली कुर्सी को भरे जाने या फिर Cabinet Reshuffle के आसार देख के ही पिछले कुछ हफ्तों से MLAs की CM PSD से मुलाक़ात की संख्या बहुत बढ़ गई है।



