
CHETAN GURUNG
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कीर्तिमान स्थापित करते हुए एक साथ उत्तराखंड के 8 लाख स्कूली बच्चों से Virtually ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम में सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई के साथ ही दीपावली की घर में चल रही तैयारियों के बारे में आत्मीय भाव से बातें कीं। बच्चों ने भी सरकार के मुखिया के इस अंदाज को देख खुल के उनके साथ वाकई Uncle भाव के साथ खूब अपने दिल और मन की बातें Share कीं। CM पुष्कर को अपने सामने Screen पर देख और बातें करने का मौका मिलने से बच्चे खूब उत्साहित नजर आए।

PSD ने अपने सरकारी आवास से Digital माध्यम से बच्चों को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा एवं भैया दूज की शुभकामनाएं देते हुए त्योहारों के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व, स्वच्छता, सुरक्षा, पढ़ाई तथा भविष्य के लक्ष्यों को लेकर प्रेरक संदेश दिया। आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों में अध्ययनरत बच्चे एक साथ इस कार्यक्रम से जुड़े। इतनी बड़ी तादाद में स्कूली बच्चों के साथ किसी मुख्यमंत्री की ये पहली सीधी बातचीत थी।
उन्होंने बच्चों से कहा कि त्योहार केवल उत्सव मनाने के अवसर नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी हैं। दीपावली पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और घर की साफ-सफाई में परिवार का सहयोग करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत बनाना आवश्यक है।
CM पुष्कर ने बच्चों को दीपावली पर मिट्टी के दीये जलाने तथा स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों के हाथों निर्मित उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नारा है ‘वोकल फॉर लोकल’। इससे स्थानीय कारीगरों की आजीविका को प्रोत्साहन मिलने के साथ उनके परिवारों की खुशियों में भी भागीदारी सुनिश्चित होगी। बच्चों को पटाखों से दूर रहने तथा दीये एवं फुलझड़ियां जलाते समय बड़ों की देखरेख में रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी है, जब हम स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। उन्होंने विद्यार्थियों को अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की भी शुभकामनाएं दीं। साथ ही खेल, रचनात्मक गतिविधियों और नई चीजें सीखने में भी रुचि लेने के लिए कहा। ये भी कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है। ‘दिल की बात, अंकल धामी के साथ’ कार्यक्रम को भविष्य में AI एवं डिजिटल तकनीक के माध्यम से और उपयोगी बनाया जाएगा।
PSD ने कहा कि इससे पहले भी ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने निबंध के माध्यम से आयोजित संवाद कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के विकास को लेकर अपने विचार और सुझाव साझा किए थे। बच्चों के विचारों और सुझावों का विशेष महत्व है। उनसे प्राप्त उपयोगी सुझावों पर भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में भी विचार किया जाएगा। इस अवसर पर सचिव (शिक्षा) ज्योति यादव, महानिदेशक (शिक्षा) आकांक्षा कोंडे मौजूद थे।


