Big News::बरसों`निशब्द’ मंत्री रेखा के हौसले-हिम्मत की तारीफ करें:सियासी भविष्य दांव पर लगा के पति के खिलाफ खुली जंग छेड़ना हंसी-खेल नहीं:FIR हुई है तो कानूनी Action भी होगा!नजरें CM पुष्कर के कदमों पर!
Video-Audio जारी होने के बाद पत्नी के आरोपों पर Video संदेश के जरिये सामने आए गिरधारी पप्पू

Chetan Gurung
तमाम महकमों को संभाल रहीं उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य ने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू के खिलाफ Video-Audio जारी कर अपनी निजी जिंदगी में ही नहीं बल्कि उत्तराखंड की सियासत में भी भीषण हलचल मचा डाली है। जो उनको करीब से जानते और समझते हैं,उनको अच्छे से मालूम है कि रेखा न सिर्फ दृढ़ इच्छा शक्ति वाली है बल्कि हालात और माहौल से बाखूबी लड़ना और उसी के मुताबिक खुद को ढालने में भी माहिर हैं। अगर वह पति के खिलाफ ही मोर्चा खोल रही है तो इसके पीछे उनकी बहुत बड़ी विवशता और खुद की तथा बच्चों की जिंदगी को वाकई खतरे के नजरिए से समझना-देखना अनुचित नहीं होगा। पुष्कर मंत्रिमण्डल की इकलौती महिला सदस्य रेखा का हिचकियों के साथ फफक के रोने वाला Video हिला और झकझोर डालता है। इससे ये भी साबित होता है कि हिंदुस्तानी महिला सामाजिक और पारिवारिक मजबूरियों से कितनी ही बंधी क्यों न रहे, उसमें ना-इंसाफ़ी के खिलाफ संघर्ष करने की कुव्वत असीम है। जिनमें न हो, उनके लिए रेखा के Video संदेश बहुत बड़ी प्रेरणा है। रेखा ने सालों के बाद बहुत सोच-समझ के पति के बारे में खुलासे का कदम उठाया है। उनकी इस हिम्मत तथा साहस के लिए उनकी तारीफ की जा सकती है। उन्होंने वाकई साबित किया कि वह महिला सशक्तिकरण की जीती मिसाल हैं। पप्पू ने भी आज गाड़ी में निक्कर-टी शर्ट में Video बयान जारी कर सफाई देने के साथ ही पत्नी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, लेकिन FIR होने और रेखा की तरफ से जारी Audio और Video के बाद उनकी दलीलों पर जल्द यकीन करना सभी के लिए सहज नहीं होगा। अब सारा ध्यान इस पर रहेगा कि CM पुष्कर सिंह धामी-उनकी सरकार अपनी महिला मंत्री के आत्मसम्मान और सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था के सशक्त होने का प्रदर्शन करने से जुड़ा अहम कदम कब और किस किस्म का उठाती है। आरोप लगाने के बाद खुद रेखा की तबीयत बिगड़ गई और उनको डालनवाला के एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके स्वस्थ हो के लौटने के बाद आगे के हालात पर सभी की नजर रहेंगी।



CM पुष्कर सिंह धामी के फैसलोंऔर निर्देशों पर मंत्री रेखा-पप्पू मामले में अहम भूमिका रहने वाली है
——————

Minister Rekha Arya and Girdhari Lal Sahu Pappoo

पुष्कर मंत्रिमंडल की फर्राटेदार भाषण देने में सिद्धहस्त मंत्री रेखा ने जो Audio जारी किया है, उसमें एक आवाज ऐसी है, जिसको पप्पू से जोड़ के देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि Audio में एक आवाज पप्पू की है। वह किसी महिला की आवाज फोन पर दूसरी तरफ से आने पर उसको रेखा के कत्ल करने के लिए उकसा रहे हैं। साथ ही इस मामले में उसको पैसे और अन्य किस्म की पूरी मदद देने का यकीन भी दे रहे। पप्पू ने इसको AI Generated ठहराया है। साथ ही दावा किया कि वह रेखा को दो जोड़े में ब्याह के लाए और आज की स्थिति तक ले आए। अब पत्नी भ्रष्टाचार कर रही। मंत्री रेखा का Video जैसे ही जारी हुआ, Social Media और उत्तराखंड की सियासत में भूचाल आ गया।
एक मंत्री का खुल के अपने ही पति से अपने और बच्चों के जीवन के खतरे की आशंका जतलाना और पुलिस में मुकदमा दर्ज कराना हर किस्म से बहुत बड़ी घटना है। भारतीय राजनीति में इस किस्म की मिसाल कभी सामने आई हो, याद नहीं आता। ये कितनी बड़ी घटना है, इसका अंदाज इतने भर से लगाया जा सकता है कि इस वक्त सिर्फ रेखा और पप्पू के नाम सुर्खियों में हैं। आलम ये है कि अंकिता भण्डारी हत्याकांड और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने को ले के जो बवंडर उत्तराखंड से ले के दिल्ली-सिक्किम तक में उठने लगा था, वह पार्श्व में जा चुके हैं। Social Media और Main Stream अखबार-News Channels सिर्फ मंत्री और उनके पति के बीच पैदा विवाद और पुलिस मुकदमे को Cover कर रहे हैं।
BJP के प्रदेश Media प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के गधे-घोड़े वाले बयान से जुड़ा विवाद भी अब लोगों के दिमाग के पन्ने से मिटता दिख रहा है। Congress की तूफानी प्रवक्ता गरिमा दसौनी भी अब सारे मुद्दों को छोड़ के मंत्री-मंत्री पति की जंग और कानून-व्यवस्था पर बयान देने उतर आई हैं। ये सवाल उठाया जा रहा है कि मंत्री और महिला सशक्तिकरण मंत्रालय संभालने वाली हो के भी रेखा अगर खुद मानसिक यंत्रणा सह रही थी और पति के जुल्मों-फ़रेबों-धमकियों-साज़िशों से त्रस्त थी तो वह बाकी महिलाओं को संरक्षण और सुरक्षा का अहसास भला कैसे दे पाएँगी। इसका जवाब रेखा FIR दर्ज करा के दे चुकी हैं। भारतीय और हिन्दू-सनातन संस्कृति में पति के खिलाफ बिना वैधानिक रूप से जुदा हुए FIR दर्ज करा देना और गंभीर आरोप लगाना बहुत हौसले और हिम्मत का कदम है।
रेखा को बेहद मजबूत दिल और जिगर वाली समझा जाता है। इसके बावजूद उनका बिलख के रोते हुए Video संदेश जारी करना,जतलाता है कि वह अंदर से कितनी दुखी और खतरे को महसूस कर रही है। कितनी प्रताड़ना सह रही थी। अंदरखाने से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक रेखा ये सब कोई एकाध साल से नहीं सह रही थी। काफी पहले से उनको गिरधारी से शिकवे-शिकायत थे। बस हालात और पति के सुधरने की आस में थी। अब तो सिर्फ पानी सिर से ऊपर जा चुका है। इसके चलते उनको खुली जंग छेड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके इस कदम को देख के अन्य महिलाएं भी अब सामने आ सकती हैं।
रेखा को अब राजनीतिक तौर पर ताने सुनने पड़ सकते हैं। उनको इसका बाखूबी एहसास होगा। इसके बावजूद वह उत्पीड़न के खिलाफ सामने आईं। ऐसा महसूस हो रहा है कि वह फैसलाकून जंग के लिए कमर कस चुकी हैं। कोई महिला ये बर्दाश्त नहीं कर सकती कि पति किसी और के साथ भी मधुर रिश्ते रखें। उसके साथ मिल के उसकी जान लेने तक की सोचे। ऐसे में रेखा मंत्री होने के बावजूद ये सब कैसे बर्दाश्त कर सकती हैं। उनको CM पुष्कर सिंह धामी और सरकार-BJP का भरपूर साथ मिलेगा, इसकी उम्मीद की जा सकती है। SC/ST Act में भी धाराएँ दर्ज हैं। आरोप और मुकदमे की धाराएँ संगीन होने के नाते पप्पू के लिए आने वाले दिन बहुत मुश्किल रहने वाले हैं।
इस पर भी सभी का ध्यान रहेगा कि पप्पू (गिरधारी लाल साहू) को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा या फिर गिरफ्तारी होगी भी या नहीं! अधिक संभावना गिरफ्तार होने की है। इस पर बहस हो सकती है कि रेखा को साल-2004 में शादी के दौरान पप्पू ने बताया नहीं था कि वह पहले से शादीशुदा थे। ये बेशक निजी मामला अधिक है कि इस मामले में रेखा पूरी तरह सच बोल रही या नहीं। पप्पू के विवाहेत्तर सम्बन्धों का भी मुद्दा रेखा ने उठाया है। ये भी आरोप लगाया कि उनको जाति सूचक अपशब्दों का सामना करना पड़ता है। पप्पू ऊंची जाति से है। इनसे इतर अलबत्ता,बड़ा मुद्दा आपराधिक और मंत्री को जान से मारने का खतरा वाला है। पप्पू ने भी आरोपों पर आज सफाई पेश करने के लिए Video का सहारा लिया।
गाड़ी में बैठ के Record किए Video संदेश में वह कह रहे कि उन्होंने रेखा को सड़क से उठा के मंत्री बनाया। वह 210 करोड़ रूपये की संपत्ति की स्वामिनी कैसी बन गईं। वह रेखा से जुड़े हर मामले का खुलासा कर सकते हैं। पप्पू की दलीलों को हवाबाजी भी कहा जा सकता है। सिर्फ पति और पैसे के बूते कोई मंत्री बन जाए, ये मुमकिन नहीं है। जब तक खुद महिला में काबिलियत और बूता न हो। ये भी कहा जा सकता है कि पप्पू अगर शासन और सचिवालय में फाइलों को ले के खुल के घूम-फिर सकते हैं तो इसलिए कि पत्नी Cabinet में हैं। सचिवालय में Gate Entry तक अच्छे-अच्छों के लिए आसान नहीं रहती है। जहां वह धड़ल्ले से चेलों के साथ घूमते देखे जा सकते हैं।



