
Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में प्राधिकरण बनाए जाने के पीछे का मूल मकसद सभी धर्म के बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराया जाना है। सरकार के कोशिश है कि सभी बच्चे अपने व्यक्तित्व तथा भविष्य के निर्माण के लिए पर्याप्त अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने आज IRDT सभागार, देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम की थीम नई पहचान-नया सम्मान-आधुनिक शिक्षा से उज्जवल भविष्य है।



PSD ने कहा कि परंपराओं का अपना महत्व है, लेकिन वर्तमान समय ज्ञान-विज्ञान, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और AI का समय है। पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है। प्रत्येक देश विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जिससे उनका व्यक्तित्व विकसित हो। उनकी प्रतिभा सामने आए। वे अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से कोई बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, लेखक या वैज्ञानिक बन सकता है। आज प्रत्येक क्षेत्र में शोध और नवाचार हो रहा है। बच्चों को नई तकनीक और शोध को समझने, सीखने तथा उसे व्यवहार में उतारने की क्षमता विकसित करनी होगी।आज केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों को व्यावहारिक, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा देना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और निर्णयों का उद्देश्य किसी व्यक्ति अथवा वर्ग को Target करना नहीं है। UCC किसी वर्ग को निशाना बनाने के लिए लागू नहीं की गई है। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण भी किसी वर्ग को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाया गया है।सरकार व्यक्ति के कार्य और उसके योगदान को महत्व देती है। जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसी के पास विधिवत खरीदी गई जमीन, वैध दस्तावेज, रजिस्ट्री और स्वीकृत मानचित्र है तो उसे परेशान नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष फरजाना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि काम करने और अपनी क्षमता साबित करने वाले लोगों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें यह ज़िम्मेदारी मिलेगी। यही सरकार के कार्य करने की शैली है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी भेदभाव के पहुंच रहा है।कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विशेष सचिव डॉ.पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव उपस्थित रहे।



