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पहाड़ वालों कृपया सावधानी की पेटियाँ बांध लें:मौसम बिगड़ने वाला है:5 जिलों में Orange Alert:बाकी में Yellow:अफसर फोन बंद नहीं रख सकेंगे:सचिव सुमन ने कहा,`फालतू न निकलें:स्कूल में बच्चों का खास ध्यान रखा जाए’

Chetan Gurung

एक बार फिर शनिवार (4 अप्रैल) को पहाड़ों में मौसम बिगड़ने वाला है। 5 जिलों (उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग-चमोली-बागेश्वर-पिथौरागढ़) के लिए Orange Alert मौसम विभाग ने जारी कर दिया है। देहरादून के लिए खतरे की चेतावनी नहीं है लेकिन यहाँ भी हल्की पुरवाई बह रही। मौसम अंगड़ाई लेता दिख रहा है।

मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 4 अप्रैल को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि तथा झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी/घंटा, जो बढ़कर 60 किमी/घंटा तक) चलने की आशंका जताई गई है। अन्य जनपदों के लिए Yellow Alert घोषित किया गया है।

Alert के मद्देनजर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की तरफ से संबंधित जनपदों को सावधानी बरतने के लिए पत्र जारी किया गया है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि मौसम की स्थिति को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को प्रतिकूल मौसम के दौरान प्रतिबंधित/नियंत्रित रखा जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में आवागमन को नियंत्रित करते हुए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बनाए रखी जाए।

ये भी हिदायत दी गई है कि किसी भी आपदा/दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थानीय कार्रवाई के साथ सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। आपदा प्रबंधन की IRS प्रणाली के अंतर्गत नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहेंगे। मोटर मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

इसके साथ ही राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों की क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति बनाए रखने तथा सभी चौकियों/थानों में आपदा प्रबंधन संबंधी उपकरण एवं वायरलेस प्रणाली के साथ हाई अलर्ट बनाए रखने को कहा गया है। इस अवधि में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के मोबाइल/फोन स्विच ऑफ न रहने, आवश्यक उपकरण जैसे बरसाती, छाता, टॉर्च, हेलमेट अपने स्तर पर उपलब्ध रखने तथा संभावित स्थिति में लोगों के फंसने पर खाद्य सामग्री एवं चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

पत्र में यह भी अपेक्षा की गई है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक सावधानी बरती जाए। असामान्य मौसम एवं भारी वर्षा की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन को नियंत्रित किया जाए। नगर एवं कस्बाई क्षेत्रों में नालियों एवं कल्वर्ट के अवरोधों को हटाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारू रखी जाए। सचिव (आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास) विनोद कुमार सुमन ने मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने, सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

 

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