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Innovation!!कुम्भ-2027 होगा Digital: Smart Management के लिए AI-IoT तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा:रेल मंत्री से CM पुष्कर ने 143 Cr के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की गुजारिश:दोनों में तमाम मुद्दों पर अहम मंथन

कुमाऊँ से गढ़वाल तक Rail Connectivity बढ़ाने के लिए नए Project की दरकार

Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव से नई दिल्ली में मुलाक़ात के दौरान उत्तराखण्ड में रेल संपर्क को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अहम Projects पर तेजी दिखाने की दरकार जताई। अगले साल होने वाले हरिद्वार कुम्भ मेले में Innovation को शामिल करते हुए इसके आयोजन में पहली बार AI-Internet of Things का इस्तेमाल करते हुए मेले को Digital के तौर पर विकसित करने की जानकारी दी। इसके लिए केंद्र को भेजे गए 143 Cr के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सामरिक, भौगोलिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। दिल्ली से मेरठ के बीच के RRTS (Regional Rapid Transit System) को हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक ले जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन-धार्मिक पर्यटन और सामरिक नजरिए से ये जरूरी होगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के प्रथम चरण का कार्य वर्ष-2026 तक पूर्ण कर लोकार्पण सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया।

उन्होंने कुमाऊँ क्षेत्र के विकास के लिए टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में स्वीकृति प्रदान करने तथा बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) की अनुमति देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण, रायवाला बाई-डक ब्रिज के विकास कार्य, चार धाम रेल परियोजना के अंतर्गत डोईवाला-उत्तरकाशी एवं कर्णप्रयाग-पीपलकोटी खंडों के फाइनल लोकेशन सर्वे को शीघ्र पूर्ण कर स्वीकृति प्रदान करने तथा मोहण्ड-देहरादून-सहारनपुर रेल लाइन परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने की गुजारिश की।

CM पुष्कर ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी के भी मंत्री वैष्णव से कहा कि राज्य सरकार ने साल-2027 में होने वाले हरिद्वार कुम्भ मेले को ‘Digital’ स्वरूप देने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। ‘Digital Kumbh’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, त्वरित सूचना प्रसार, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ‘डिजिटल कुम्भ’ परियोजना के लिए ₹143.96 करोड़ की वित्तीय सहायता के लिए भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से प्रस्ताव पर शीघ्र कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया। अश्विनी वैष्णव ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

 

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