Big breaking::PM मोदी की रेकॉर्डमैन CM पुष्कर को बधाई-शुभकामनाएँ:4 साल का कार्यकाल पूरे होने पर बोले,`ऊर्जावान मुख्यमंत्री की अगुवाई में उत्तराखंड का चौतरफा विकास’:नेतृत्व परिवर्तन के कयास सदा के लिए दफन!

Chetan Gurung
PM नरेन्द्र मोदी ने कई Record बतौर CM बना चुके पुष्कर सिंह धामी को उनकी अगुवाई में उत्तराखंड में BJP सरकार के 4 साल पूरे होने पर बधाई संग शुभकामनाएं दी और इसी के साथ ये कयास भी सदा के लिए दफन हो जाएंगे कि आला कमान नेतृत्व परिवर्तन पर कुछ सोच भी सकता है। मुख्यमंत्री को भेजे गए संदेश में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को ऊर्जावान करार देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी के इस संदेश से पार्टी में मौजूद कुछ महत्वाकांक्षियों को निस्संदेह गहरा झटका लग सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
उन्होंने कहा कि 4 धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चार धाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के पुष्कर सरकार के प्रयासों को भी उन्होंने सराहा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। संदेश में राज्य सरकार के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास से जुड़े प्रयासों का जिक्र करते हुए उनको सराहनीय बताया। आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
PM मोदी ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है। प्रधानमंत्री ने राज्य के लोगों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड अलग-अलग क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
पुष्कर उत्तराखंड के 26 साल के इतिहास में 4 साल का कार्यकाल एक ही बारी में पूरा करने में सफलता पाने वाले BJP के पहले CM हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यकाल के मामले में त्रिवेन्द्र सिंह रावत का Record तोड़ा। TSR-1 4 साल का कार्यकाल पूरा होने से तकरीबन 4 दिन पहले हटा दिए गए थे। पुष्कर सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का Record पहले ही तोड़ चुके हैं। वह पहली बारी में भी 9 महीने के आसपास CM रह चुके हैं। लगातार 2 कार्यकाल बतौर CM हासिल करने वाले PSD BJP या Congress के उत्तराखंड में पहले शख्स हैं।
BJP के ही BC खंडूड़ी भी 2 बार CM रहे थे। फर्क लेकिन ये रहा कि वह हटाए जाने के बाद दुबारा बनाए गए थे। पुष्कर को PM मोदी,HM अमित शाह और संघ के बेहद करीब समझा जाता है। ये कोई रहस्य नहीं है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की हवा बार-बार यूं ही नहीं बहती रही है। इसको पंखा कौन दे रहे हैं, उनको ले के Media में कयास खूब लगते रहे हैं। ये PSD की काबिलियत है कि वह सियासी प्रतिद्वंद्विता को दुश्मनी में तब्दील नहीं होने देते हैं। दूसरी तरफ से कैसा भी हमला हो।
मोदी-शाह का सशक्त संरक्षण CM पुष्कर की असल ताकत है। आला कमान में पुष्कर के प्रभाव को समझने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार, उसमें उनके विश्वासपात्रों का प्रवेश और फिर मंत्रियों को कामकाज बांटे जाने को समझना होगा। PSD ने मंत्रिमंडल सदस्यों को मंत्रालय देने, पुराने मंत्रियों से हटाने के मामले में भी बहुत सूझ-बूझ का प्रदर्शन किया। उन्होंने मंत्रियों से अगर महकमे हटाए भी तो बदले में उनको और महकमे सौंपे। गणेश जोशी अपवाद रहे।
डॉ धन सिंह रावत को भी चिकित्सा और स्वास्थ्य हटाने की एवज में Technical Education महकमा दिया गया। Health Sector पूरे का पूरा सुबोध उनियाल को दिया। TE महकमा उनसे ही ले के धन सिंह को दिया गया। अधिकांश मंत्री ये नहीं कह सकते कि उनके साथ ना-इंसाफ़ी हुई है। अब ये भी साफ हो गया है कि आला कमान और खास तौर पर सरकार-संगठन के Number-1 और 2 ने पुष्कर को अगले साल की शुरुआत में होने वाले Assembly Elections में फिर कमल खिलाने का जिम्मा सौंप दिया है।
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