
Chetan Gurung
BJP के सबसे लंबी अवधि वाले CM का Record बनाते ही पुष्कर सिंह धामी ने अपने शपथ ग्रहण की चौथी सालगिरह से एक दिन पहले सभी पांचों नए मंत्रियों को कामकाज सौंपते हुए Sunday के बावजूद मंत्रालय बाँट दिए।खजानदास को समाज कल्याण-भरत चौधरी को ग्राम्य विकास-मदन कौशिक को पंचायतीराज व आयुष-प्रदीप बत्रा को परिवहन और राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास व जलागम महकमे दिए गए। पांचों को अन्य महकमे भी सौंपे गए हैं। खास बात ये रही कि चिकित्सा और स्वास्थ्य महकमा अब डॉ धन सिंह रावत से हटा के बजाए पहले से वन-पर्यावरण संभाल रहे सुबोध उनियाल को सौंप के उनके वजन को और भारी कर दिया गया। हल्के सतपाल महाराज और गणेश जोशी भी किए गए। उनसे पंचायतीराज और ग्राम्य विकास महकमे हटा दिए गए हैं।



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CM पुष्कर के पास 17 महकमे हैं। पेयजल,ऊर्जा,आबकारी,वित्त,आवास,नागरिक उड्डयन,खनन,उद्योग,राजस्व,गृह,कार्मिक,अखिल भारतीय सेवाओं के मामले,राज्य संपत्ति, सूचना उनके पास बने हुए हैं। खजान को अल्पसंख्यक,भाषा,छात्र कल्याण,भरत को लघु,सूक्ष्म उद्योग और खादी-ग्रामोद्योग,मदन को आपदा,जनगणना,पुनर्गठन,पुनर्वास,प्रदीप को IT-सुराज,विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी,राम सिंह को पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन महकमे भी दिए गए हैं।

CM पुष्कर सिंह धामी संग मंत्री सुबोध उनियाल:बढ़ा कद-वजन
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पुराने मंत्रियों में सतपाल महाराज PWD-पर्यटन-सिंचाई सरीखे महकमे ले के कद्दावर बने हुए हैं। रेखा आर्य-सौरभ बहुगुणा महकमों के बँटवारे में बेअसर रहे। उनके महकमे बने हुए हैं। पूरा मंत्रिमंडल ले के मुख्यमंत्री पुष्कर कामकाज भी बाँटने के बाद अब अवाम की उम्मीदों को अधिक बेहतर और तेज गति से पूरा करने के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। विधानसभा चुनाव में BJP के प्रदर्शन को अधिक बेहतर करने की दिशा में काम कर सकेंगे।
सुबोध उनियाल को मुख्यमंत्री के बेहद करीब समझा जाता रहा है। उनको वन और पर्यावरण के साथ ही Health-Medical Education महकमा सौंप के PSD ने इसको और पुख्ता कर दिया। चिकित्सा और स्वास्थ्य महकमा सबसे नाकारा-नाकाम हो रहा था। इस महकमे की बहुत बुरी दशा होने से सरकार-BJP और CM को काफी सुनना पड़ रहा था। इसमें सुधार लाना अब 10 महीने के करीब के कार्यकाल में सुबोध के लिए बड़ी चुनौती होगी। डॉ धन सिंह इस महकमे को संभाल नहीं पा रहे थे। सभी मंत्रियों ने 2 दिन पहले ही शपथ ली थी।



