
Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को टिहरी के गंगा रिजॉर्ट (मुनि की रेती) में आयोजित International Yoga Festival में कहा कि योग को व्यायाम संग समग्र जीवन पद्धति बताते हुए कहा कि योग आत्मा को परमात्मा से भी जोड़ता है। युवाओं को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते है। इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है। राज्य सरकार ने योग नीति-2025 बनाई है। प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है।






उन्होंने कहा कि GMVN और उत्तराखंड पर्यटन विभाग की तरफ से आयोजित हो रहा योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार आयोजित इस 7 दिवसीय महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के विविध सत्रों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है। योग के महत्त्व को देखते हुए PM नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था।
PSD ने कहा कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। उत्तराखंड देवभूमि के साथ योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। विश्वभर से हजारों-लाखों साधक प्रति वर्ष उत्तराखंड आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं। आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है।
CM पुष्कर ने कहा कि राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक Spiritual Economic Zone की स्थापना की जा रही है। उन्होंने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्रचीन पद्धति में शुमार है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग और तप बल से कई सिद्धियां हासिल की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग से करोडों़ लोग निरोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान मे योग की मुख्य भूमिका है। GMVN के MD प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार योग महोत्सव में 2500 से अधिक Registration हो चुके हैं। 150 योग संस्थाओं के सहयोग से इसका आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में गुरु कुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए योग साधको ने योग की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष (मुनि की रेती) नीलम बिजल्वाण, अध्यक्ष (नगर निगम ऋषिकेश) शम्भू पासवान, अध्यक्ष (नगर पंचायत तपोवन) विनीता बिष्ट, DM नितिका खण्डेलवाल, SSP आयुष अग्रवाल, स्वामी चिदानन्द मुनि, महंत रविन्द्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य ऊषा माता सहित हजारों की संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।



