
Chetan Gurung
आयुक्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखंड की ओर से जानकारी दी गई है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों तथा मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस संबंध में खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के साथ राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है।
पुष्कर सरकार ने आज आश्वस्त किया कि ईरान संग इजरायल-अमेरिका की जंग के बावजूद प्रदेश में घरेलू गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को इस बाबत किसी किस्म की फिक्र करने की जरूरत नहीं है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि मध्य-पूर्व एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत “प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026” प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत गैस आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
भारत सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि LPG, PNG तथा CNG की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं की गई है। अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों में उपयोग होने वाली कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी पूर्ववत जारी है। इसमें कोई कटौती नहीं की गई है। भारत सरकार के निर्देशों के मुताबिक राज्य सरकार की तरफ से सभी DMs और ऑयल कंपनियों को ताकीद की गई है कि वे LPG, PNG तथा CNG की उपलब्धता की निरंतर समीक्षा करेंगे।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। यह भी तय करेंगे कि प्रदेश में कहीं भी गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी न हो पाए। आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति) ने चेताया कि LPG, PNG या CNG की जमाखोरी अथवा कालाबाजारी की शिकायत या पुष्टि होती है, तो आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवाम से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देया जाए। गैस की उपलब्धता को लेकर निश्चिंत रहें।



