
Chetan Gurung
राज्यसभा के सदस्य डा. नरेश बंसल ने कहा कि Artificial Intelligence मौजूदा दौर की बेहद ताकतवर तकनीक है और इसको अपने नियंत्रण में रख कर ही मानवता तथा समाज के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। स्वयं को AI के वश में जाने से बचना चाहिए। AI का दुरुपयोग गंभीर चुनौती बन के उभर रहा।

Naresh Bansal
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Graphic Era Hill University में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अलाइव’ के समापन समारोह डा. बंसल ने कहा कि पूरे विश्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर व्यापक चर्चा और मंथन हो रहा है। इसमें शक नहीं कि युवाओं के लिए यह बेहद अहम और भविष्य निर्माण करने वाली तकनीक है। इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। साइबर अपराध के क्षेत्रों में AI का गलत इस्तेमाल गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है।
कुलपति डा. अमित R भट्ट ने कहा कि वास्तविक प्रगति वही है, जो समाज और मानवता के कल्याण को केंद्र में रखते हुए उनके जीवन को बेहतर, सुरक्षित और समृद्ध बनाने में योगदान दे। यूकोस्ट के वैज्ञानिक डा. पीयूष गोयल ने कहा कि AI के आने से अध्ययन और शोध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। हमें नई तकनीकों को अपनाकर स्वयं को भविष्य के अनुरूप तैयार करना चाहिए।
दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने AI आधारित दवा खोज, स्मार्ट हेल्थकेयर, डिजिटल थेरेप्यूटिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, फार्मास्यूटिकल नवाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य में AI के इस्तेमाल पर शोधपत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन में देश विदेश के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से भाग लिया।
सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ फार्मेसी ने किया। सम्मेलन में यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ एकेडमिक्स डा. प्रमोद एस नैयर, कुलसचिव डा. DK जोशी, डीन ऑफ स्कूल ऑफ़ फार्मेसी, डा. नरदेव सिंह , ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डा. इंदु सिंह शामिल हुए। सम्मेलन का संचालन डा. भारती शर्मा ने किया।



