मुद्दा मौजूं!!MLA-MP-मंत्री-बीजेपी (UK) प्रमुख भी CM पुष्कर के आँगन-दहलीज पर!माजरा क्या है?हर कोई शहीद MG Road स्थित CM House की तरफ दौड़ रहा:दायित्व बंटने हैं लेकिन जो मिल रहे, उनको इसकी जरूरत नहीं:एक बात साफ है:CM कुर्सी के लिए Vacancy नहीं

Chetan Gurung
BJP के Top सूबेदारों से ले के मंत्री,MLA और MP की गाड़ी इन दिनों शहीद मेख गुरुंग मार्ग स्थित CM पुष्कर सिंह धामी के पहाड़ी कलाओं से सज्जित खूबसूरत बंगले की ओर फर्राटा भर रही। उनको मुख्यमंत्री के साथ बंगले के शानदार हरे-भरे घास से लक़दक़ लॉन में गुनगुनी धूप का लुत्फ उठाते हुए आजकल तकरीबन रोजाना देखा जा रहा। लाख टके का सवाल ये है कि अचानक ऐसा नजारा बढ़ क्यों रहा!क्या वाकई मंत्रिमंडल विस्तार होने वाला है? या कुछ मंत्रियों को अलविदा कहने का वक्त आ गया है। तो क्या डर के मारे कुछ मंत्री इसीलिए सरकार के उस मुखिया PSD के दर पर माथा टेक रहे, जो वक्त के साथ PM नरेंद्र मोदी-HM अमित शाह के और अधिक भरोसेमंद और लाडले हो चुके हैं। मंत्री हटाए जाने हैं या फिर नए लाए जाने हैं, पहली कलम इस पर उनकी ही चलेगी। ये तय है। दायित्व भी शायद जल्दी बंट जाएँ। जो लोग पुष्कर से मिलते नजर आ रहे, उनकी दिलचस्पी इसमें सिर्फ अपने खासमखास या चेले को दायित्व दिलाने तक की हो सकती है। उनकी खुद की रुचि मंत्री बनने,मंत्री हैं तो बने रहने की हो सकती है।



खजानदास (सबसे ऊपर) प्रेमचंद अग्रवाल (बीच में) और मंत्री गणेश जोशी (सबसे नीचे)
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मुख्यमंत्री की Vacancy न तो निकलने वाली है और न निकलने वाली कभी थी, ये भी कमोबेश साफ हो चुकी है। जो सरकार को मँझधार से निकाल के लाए और एक के बाद के तमाम छोटे-बड़े चुनाव उत्तराखंड और बाहर के राज्यों में भी जितवाने की कुव्वत रखते साबित हो चुके हों, उनको हटा के BJP आला कमान अपने कदम Acid की बाल्टी में खुद कभी नहीं डालेगी। खबरें तो ये है कि PSD को अमित शाह और नए BJP अध्यक्ष नितिन नबीन अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की अगुवाई शानदार ढंग से कर के फतह की तिकड़ी लगाने के लिए कह और शुभ कामनाएँ दे चुके हैं। माने कि अगला विधानसभा चुनाव पुष्कर की सदारत-अगुवाई में होना है।
हाल ही में पूर्व BJP Chief और केन्द्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी अपने सम्बोधन में पुष्कर के नेतृत्व में ही BJP के अगले Assembly Election में उतरने का साफ संदेश दे दिया। वह जिस अंदाज में PSD से सार्वजनिक तौर पर गले मिले, उसकी फोटो Social Media में घनघोर Viral हो चुकी है। BJP के उत्तराखंड के हर किस्म और स्तर के नेता हकीकत से वाकिफ होते जा रहे। वे देख रहे हैं कि किस तरह खुद PSD सरकार में नेतृत्व परिवर्तन को ले के मज़ाक उड़ाते हैं। वे ये भी देख रहे कि दिग्गज पार्टी नेता किस सीमा तक पुष्कर के साथ अपनत्व दिखा रहे हैं। नड्डा देहरादून में पुष्कर के लिए जितना अच्छा बोल के गए, वह यूं ही नहीं है। बिना मोदी-शाह की मर्जी के पार्टी और सरकार में न पतझड़ आते हैं न ही सावन और बहारें आया करती हैं। समझें कि नड्डा जो बोल रहे थे, वह मोदी-शाह के निर्देश का हिस्सा था।
उत्तराखंड में आपसी सिर फुटव्वल खत्म करने के लिए साफ इशारा आला कमान और मोदी-शाह का था। पुष्कर की प्रतिष्ठा मोदी-शाह के एकदम ही Track और अंदाज में काम करने की की है। दोनों जैसा चाहते हैं, पुष्कर हूबहू वैसा करने की कोशिश करते हैं। सरकार और पार्टी पर आंच आने की नौबत आए तो वह कठोर से कठोर कदम उठाने और फैसला लेने में रत्ती भर ही हिचकिचाहट नहीं दिखाते हैं। पार्टी और संघ से जुड़े कई चेहरों को वह किसी मामले में फँसने पर बचाने के बजाए जेल का फाटक खोल के धकेल चुके हैं। कड़े और सख्त फैसले लेने में उनका सानी नहीं है। अफसरों और कर्मचारियों के साथ ही पुलिस से जुड़े अफसरों-दारोगाओं तक को वह Vigilance से Trap करा के जेल भेज चुके हैं। भारत सरकार के Number-1 और 2 को बस ऐसा ही मुख्यमंत्री चाहिए होता है।
मोदी-शाह की भी बड़ी खासियत है। जो अब तक सामने आई है। वे जिस पर लाड़ लुटाते हैं और भरोसा करते हैं, उनको ले के की जाने वाली छोटी-मोटी चुगलियों पर कान देना पसंद नहीं करते हैं। साफ-साफ कहा जाए तो मंत्रिमंडल में रहने और उसमें Entry की ख़्वाहिश रखने भर से कुछ नहीं होगा। मुख्यमंत्री PSD का कृपा पात्र और विश्वासपात्र होना पहली योग्यता है। बस इसी के चलते उनके सरकारी आवास पर इन दिनों अति महत्वाकांक्षियों की भीड़ दिख रही। पुष्कर से वे भी मिल रहे हो सकते हैं, जिनको अपने किसी शिष्य या भरोसेमंद को दायित्व दिलाने हों।
इतने मिलने-जुलने से क्या नतीजा निकलता है, उस पर नजर रखना होगा। आज भी MP-RS और BJP के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सरकार में मंत्री गणेश जोशी,MLA प्रेमचंद अग्रवाल और खजानदास CM House पहुंचे। पहले भी कई MLA-MP संगठन के जिम्मेदार लोग CM पुष्कर से वक्त ले के मिल चुके हैं। सभी के साथ CM ने गंभीरता संग बात की। ये इत्तिला भी सभी को पार्टी स्तर पर हो चुकी है कि CM की Vacancy तो नहीं है लेकिन उनकी इच्छा हुई तो मंत्रियों की Vacancy जरूर निकल सकती है।


