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CM पुष्कर के हाथों कोटद्वार Bird Watching Festival का आगाज:हाथों-हाथ दी 326 Cr की 61 योजनाओं का तोहफा:बोले,`Festival से Eco-Tourism संग पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा’

Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी ने आज कोटद्वार में Bird Watching Festival का आगाज करने के साथ ही हाथों-हाथ इस छोटे से शहर के लिए सरकार के खजाने का दरवाजा खोलते हुए 326 करोड़ रूपये की 61 योजनाओं का जोरदार तोहफा दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि Festival से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जाएगा। कोटद्वार के BJP कार्यकर्ताओं ने भी आज मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनंदन किया।

Bird Watching Festival के दौरान के नजारे

 

 

कोटद्वार में CM पुष्कर सिंह धामी पर BJP कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने भी फूल बरसा के स्वागत किया। महिलाओं ने उनको आशीर्वाद दिया।

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मुख्यमंत्री ने कोटद्वार पहुंचकर सबसे पहले दिव्यांग बालक-बालिकाओं से संवाद किया। फिर सिद्धबली मंदिर में पूजा-अर्चना कर  प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। फिर सनेह क्षेत्र में आयोजित 2 दिवसीय Bird Festival का उद्घाटन किया। DM (पौड़ी) स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्यमंत्री तथा अन्य अतिथियों का गुलदस्ते भेंट कर स्वागत किया। छात्राओं ने गढ़वाली स्वागत गान पेश किया।

सिद्धबली मंदिर में पूजा-अर्चना करने के दौरान मुख्यमंत्री PSD

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मुख्यमंत्री 21 योजनाओं का शिलान्यास किया। 40 योजनाओं का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का निरीक्षण किया। पक्षी पहचान एवं संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों की सराहना की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 21वां दशक उत्तराखण्ड का होगा। इसमें महिलाओं का योगदान सर्वाधिक रहेगा। महिलाओं के हाथों तैयार उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं।

CM PSD ने क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएँ करते हुए कहा कि हल्दूखाता में नगरीय पेयजल योजना की खनन प्रभावित जीर्ण-शीर्ण पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। खोह नदी के दायें तट पर स्थित जीतपुर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। और भी कई ऐलान किए। उन्होंने फिक्र जताई कि अनेक पक्षी प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं। उनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहाँ लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य पर्यावरण संरक्षण में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां प्रतिवर्ष लाखों प्रवासी पक्षी आते हैं। देश में पाई जाने वाली लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक दुर्लभ एवं सुंदर प्रजातियाँ उत्तराखण्ड में पाई जाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुनहरे पंखों वाला दुर्लभ पक्षी `सुरखाब’ सर्दियों के मौसम में उत्तराखण्ड आता है। इसी के लिए कहा जाता है कि “सुरख़ाब के पंख लगे हैं क्या”। पक्षी बीज प्रसार एवं पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार ड्रोन पायलट, इको-टूरिज्म एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी को प्रोत्साहित कर रही है। घायल पशु-पक्षियों के उपचार के लिए कालागढ़ में विशेष व्यवस्था की गई है।

विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण ने कहा कि उत्तराखण्ड में उपलब्ध 700 पक्षी प्रजातियों में से करीब 400 प्रजातियाँ कोटद्वार क्षेत्र में पाई जाती हैं। ये यहां की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है। Bird Festival को प्रदेश सरकार के वार्षिक कैलेंडर में शामिल कर प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी को ‘बर्ड फेस्टिवल दिवस’ मनाया जाना चाहिए।

जिलाधिकारी स्वाति ने कहा कि Bird Watching Festival उत्सव के साथ ही जैव विविधता, प्रकृति और जीवन के प्रति संवेदनशीलता का उत्सव है। ये Festival खुद में एक अनूठी पहल है। जो पक्षियों के संरक्षण का संदेश देता है। Wildlife Protection और Photography के नए अवसरों के द्वार भी खोलता है। कोटद्वार क्षेत्र को पर्यटन के नए आयाम मिलेंगे। यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों की पहचान बनेगा। जब भी हम किसी पक्षी को खुले आकाश में उड़ते हुए देखते हैं, तब हमें स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझ में आता है। स्वतंत्रता पर पशु-पक्षियों और सम्पूर्ण प्रकृति का भी पूरा मौलिक अधिकार है। आने वाले समय में Bird Festival कोटद्वार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देगा।

Festival के अंतर्गत मैराथन दौड़, पेंटिंग, क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता भी होगी। विधायक (लैंसडाउन) दिलीप सिंह रावत, उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अन्थ्वाल,जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, मेयर शैलेंद्र सिंह रावत, SSP सर्वेश पंवार, CDO गिरीश गुणवंत भी मौजूद थे।

 

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