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कमाल के CM पुष्कर!BJP दिग्गज कोश्यारी-Congress उस्ताद हरीश रावत से घर जा के मिले:एक को पद्मभूषण की बधाई-दूजे को अपने खेत के चावल का तोहफा:Congress में मुलाक़ात से बेचैनी!

Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड की सियासत में सिर्फ BJP के नहीं बल्कि Overall सभी दलों के राजनेताओं में कुशल रननीतिकार-Smart और परिपक्व समझा जाता है। उन्होंने आज इसका एक नजारा फिर दिखाया। वह पहले BJP दिग्गज और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल तथा उत्तराखंड के पूर्व CM भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण की बधाई देने उनके आवास पहुंचे। वह अपने खेतों के धान से निकले चावल का थैला देने Congress उस्ताद और पूर्व CM हरीश रावत के आवास पहुंचे। दोनों से बहुत आत्मीयता के साथ बात की। संयोग से दोनों पूर्व CM Defence Colony में रहते हैं।

अपने सियासी गुरु पूर्व CM भगत सिंह कोश्यारी को CM पुष्कर सिंह धामी ने आवास पहुँच के पद्म भूषण की बधाई दी

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मुख्यमंत्री पुष्कर ने कोश्यारी को शाल ओढ़ाया और उनसे कुशलक्षेम जानी। कोश्यारी बहुत आत्मीयता संग अपने बरसों से करीबी रहे CM पुष्कर से मिले। उनको PSD के सबसे बड़े खैर ख़्वाह में शुमार किया जाता है। वह उनके सियासी गुरु का दर्जा भी रखते हैं। हर मुसीबत के पल में वह अपने करीबी शिष्य के साथ खड़े नजर आए हैं। CM पुष्कर उनको पूरा सम्मान देने में कभी नहीं हिचकते हैं।

पूर्व CM और Congress उस्ताद हरीश रावत से CM पुष्कर सिंह धामी की मुलाक़ात सियासत दूर बेहद आत्मीय रही।

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कोश्यारी को हाल ही में जनसेवा में केंद्र सरकार ने पद्म भूषण से नवाजने का ऐलान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री और Congress के शीर्ष नेताओं में शुमार हरीश रावत से भी मुख्यमंत्री पुष्कर ने शिष्टाचार भेंट करने के साथ ही उनकी कुशलता पूछी। फिर उनको अपने खेत में उपजे धान के चावल भेंट किए। हरीश ने खुशी-खुशी इस तोहफे को स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर ने हरीश रावत के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। चावल के उपहार का थैला देने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भेंट उत्तराखंड की कृषि परंपरा, किसानों की मेहनत और स्थानीय उत्पादों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। हरीश रावत  ने मुख्यमंत्री पुष्कर के इस स्नेहिल व्यवहार एवं आत्मीय भेंट के लिए आभार व्यक्त किया|  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की यह भेंट राजनीतिक परंपराओं में आपसी सम्मान, सद्भाव और शिष्टाचार का एक सुन्दर उदाहरण है।

हरीश और CM पुष्कर की इस बेहद आत्मीय किस्म की मुलाक़ात से Congress में फिर से खलबली तय है। दोनों के आपसी रिश्ते हमेशा मधुर रहे हैं। सियासी जंग में भी दोनों एक-दूसरे पर कभी निजी छींटाकाशी नहीं करते हैं। दोनों आपस में सम्मान भाव का प्रदर्शन करते रहे हैं। आपस में मिलने-जुलने से कभी नहीं हिचके हैं। विधानसभा चुनाव करीब आने पर सत्ता और CM के करीब रहते दिखने से हरीश पर उनकी पार्टी में सक्रिय विरोधी उनको निशाने पर ले सकते हैं। उनकी पार्टी में इस मुलाक़ात से बेचैनी स्वाभाविक है।

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