
Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सनातन संस्कृति में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। NASA भी ज्योतिष ज्ञान पर यकीन करने लगा है। सनातन संस्कृति आस्था और विश्वास पर आधारित होने के साथ ही गहरे वैज्ञानिक दृष्टिकोण, चिंतन और शोध का परिणाम है। Graphic Era University में `अमर उजाला’ के ज्योतिष महाकुम्भ में उन्होंने ज्योतिष पंडित पुरुषोत्तम गौड़ को Lifetime Achievement Award से सम्मानित भी किया।




मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योतिष भारत का अत्यंत समृद्ध, गूढ़ और वैज्ञानिक शास्त्र है। ऋषि-मुनि केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं थे, वे उच्च कोटि के वैज्ञानिक भी थे। आर्य भट्ट ने खगोल विज्ञान और गणित में क्रांतिकारी सिद्धांत स्थापित किए। महर्षि पराशर ने ज्योतिष शास्त्र को व्यवस्थित और वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। वराह मिहिर ने खगोल, भृगु मुनि ने भविष्य कथन और कालगणना की परंपरा को समृद्ध किया।
CM पुष्कर ने कहा कि आधुनिक विज्ञान जिन खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए विशाल यंत्रों का सहारा लेता है, उन्हीं घटनाओं के मूल सिद्धांत हमारे ऋषि-मुनियों ने सहस्रों वर्ष पूर्व ग्रह-नक्षत्रों की गति, समय-चक्र, मानव जीवन और प्रकृति के गहन अध्ययन कर हासिल कर लिया था। अब नासा भी मानने लगा है कि भारतीय ज्योतिष विज्ञान के जरिये बहुत सी भौगोलिक घटनाओं को भली प्रकार समझा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ज्योतिष शास्त्र भौतिक जीवन, आध्यात्मिक चेतना और दैविक व्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करता है। ज्योतिष शास्त्र सिखाता है कि सूर्य, चंद्रमा और ग्रह केवल आकाशीय पिंड मात्र नहीं हैं बल्कि वे समय-चक्र, प्रकृति के संतुलन और मानव जीवन की प्रवृत्तियों को दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कारक भी हैं। दुनिया भर में ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का व्यापक अध्ययन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है। इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, Graphic Era Group of Institutions के अध्यक्ष कमल घनसाला एवं ज्योतिषाचार्य मौजूद थे ।



