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Important News::पुलिस का दावा,`अंकिता मामले में नहीं है कोई VIP-अदालत भी इसको मान चुकी है’:Resort में कोई साक्ष्य मिटाए नहीं गए:सब इकट्ठे कर अदालत में पेश:उर्मिला के खिलाफ न नोटिस न वारंट

Chetan Gurung

उत्तराखण्ड पुलिस ने आज दावा किया कि अंकिता भंडारी प्रकरण में कोई VIP नहीं था और अदालत इस तथ्य को मंजूर कर चुकी है।  दो लोगों की कथित बातचीत से संबंधित वायरल ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए तत्काल SIT का गठन किया गया है। वह पूरी और व्यापक जांच कर Action लेगी।

Press Conference में SIT से जुड़े SP (देहात-हरिद्वार) शेखर सुयाल ने कहा कि पुलिस की तरफ से न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों, SIT की रिपोर्ट्स को पेश करते हुए कहा गया कि तीनों अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुना चुकी है। इस मामले में किसी भी प्रकार के साक्ष्य न तो नष्ट किए गए हैं और न ही छिपाए गए हैं। जिस कमरे को लेकर बार-बार यह भ्रम फैलाया गया कि उसे साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तोड़ा गया, उस कमरे की वीडियोग्राफी सहित समस्त आवश्यक साक्ष्य तीनों न्यायालयों में बाकायदा प्रस्तुत किए गए हैं।

पुलिस की तरफ से बताया गया कि प्रारंभिक जांच के दौरान ही कुछ ही घंटों के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई थी। वे आज भी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में काट रहे हैं। तथाकथित VIP एंगल सामने आने पर पुलिस ने रिसोर्ट/होटल में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बाबत गहन जांच भी की। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि कोई VIP इस प्रकरण में शामिल नहीं है।

SP Shekhar Suyal during the press conference

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PC में ये भी बताया गया कि पुलिस रिमांड के दौरान अभियुक्तों ने इस आरोप को स्वीकार किया कि उन्होंने अंकिता पर “Extra Service” देने का दबाव बनाया था। अंकिता इसके लिए नहीं मानी तो उसको खत्म कर दिया गया। कर्मचारियों से पूछताछ में यह भी पुष्टि हुई कि अंकिता मानसिक रूप से परेशान थी। वह वहां से जाना चाहती थी। आरोपी उसको जबरन अपने साथ ले गए थे। किसी भी कर्मचारी ने अंकिता के सुरक्षित वापस लौटने की पुष्टि नहीं की।

पुलिस अधीक्षक शेखर के अनुसार अभियुक्तों की रिमांड के दौरान की निशानदेही पर ही शव की बरामदगी की गई। इन दिनों Audio Recording Viral करने और FB Live के जरिये सुर्खियों में छाई उर्मिला सनावर के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ सहित अन्य व्यक्तियों पर लगाए गए आरोपों एवं अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंधित कथनों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अलग से भी SIT का गठन किया है। उर्मिला को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्हें जांच में सहयोग के लिए नोटिस जारी किया गया है। इसका अभी तक कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।

पुलिस ने कहा कि उर्मिला सनावर ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उनके पत्र में कोई स्पष्ट पता दर्ज नहीं है। पुलिस ने उनसे जांच में सहयोग देने के लिए पुलिस के समक्ष उपस्थित होने की अपील की है। उन्हें किसी भी प्रकार के जान-माल के खतरे की आशंका पाई जाती है, तो उन्हें पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाएगी। उनके विरुद्ध कोई वारंट जारी नहीं किया गया है।

मार्च 2025 के एक पुराने प्रकरण में उनके विरुद्ध हाल ही में सम्मन जारी हुआ है। इसका अंकिता भंडारी प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। अंकिता प्रकरण से संबंधित कोई अतिरिक्त साक्ष्य अथवा जानकारी उपलब्ध किसी के पास है, तो वह पुलिस को उपलब्ध कराए। पुलिस किसी को बचाने की कोई कोशिश नहीं कर रही है।

 

 

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