
Chetan Gurung
सरकार के बीसियों हजार कर्मचारियों को CM पुष्कर सिंह धामी की हिदायत पर शासन ने जबर्दस्त राहत देते हुए सभी Eligible कर्मचारियों का स्थाईकरण बिना वक्त बर्बाद किए करने का आदेश जारी कर दिया।
CM पुष्कर सिंह धामी
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शासन ने सभी विभागों को आदेश जारी किया है कि स्थाईकरण नियमावली, 2002 का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए स्थाईकरण आदेश बिना किसी विलंब के जारी कर दें। आयोगों से आए बीसियों हजार कर्मचारियों का स्थाईकरण पिछली कई सरकारों से लटका हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर ने इस मामले के अपनी जानकारी में आने और विषय के महत्व के मद्देनजर तत्काल इस पर कार्यवाही करने के निर्देश शासन को दिए।
सचिव (कार्मिक) शैलेश बगोली के दस्तखत से जारी शासनादेश में सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, कार्यालय प्रमुखों, मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नियंत्रणाधीन विभागों में कार्यरत और Probation अवधि पूरी कर चुके या परीवीक्षा न बढ़ाए गए कर्मचारियों के स्थाईकरण आदेश तत्काल लागू करें।
शासनादेश में यह भी हिदायत दी गई है कि जिन कार्मिकों को पूर्व में विभागीय पदोन्नति प्रदान की जा चुकी है, किन्तु उनके स्थाईकरण के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश निर्गत नहीं किया गया है, उनके प्रकरणों की तत्काल समीक्षा करते हुए नियमानुसार उनका भी स्थाईकरण कर दिया जाए।
सचिव शैलेश ने कहा कि सेवाकाल की निर्धारित परिवीक्षा अवधि पूर्ण करने एवं विभागीय संवर्ग में उच्च पदों पर पदोन्नति प्राप्त कर लेने के उपरांत भी, विभिन्न विभागों ने कार्मिकों के स्थाईकरण के संबंध में विधिवत आदेश निर्गत नहीं किए हैं। सरकार की जानकारी में ये तथ्य और पहलू आए हैं।
विधिवत स्थाईकरण आदेश जारी न होने के कारण संबंधित कार्मिकों के सेवा-संयोजन, वेतन संरक्षण, पेंशन-हितलाभ आदि में कठिनाई उत्पन्न हो रही हैं। कानूनी मामले और वाद-विवाद भी हो रहे। इनको देखते हुए राज्य के सरकारी सेवकों की स्थाईकरण नियमावली, 2002 का अनुपालन कराया जाना जरूरी हो गया है।