
Chetan Gurung
धराली के बाद चमोली के थराली में आपदा आने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर पहुँच के प्रभावित स्थलों का जायजा लिया और अफसरों को तेजी से राहत और पुनर्वास कार्य करने का फरमान सुनाया। रास्ते पर मौजूद स्थानीय लोगों से मिलने काफिला रोक बेधड़क उनके बीच जा पहुंचे। उनकी दिक्कतों को सुना और उनको सरकार से हर मुमकिन मदद तेजी से देने का वादा किया। मुख्यमंत्री ने 5-5 लाख रूपये की तात्कालिक मदद का Cheque भी दिया।
DM Sandeep Tiwari showing the disaster affected areas in tharali to CM Pushkar Singh Dhami
CM ने कहा प्रभावितों से कहा कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारियों को 24×7 Mode पर राहत एवं बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कुलसारी राहत शिविर का निरीक्षण किया। प्रभावितों से व्यवस्थाओं और मिल रही सुविधाओं का Feedback लिया।
CM PSD with disaster affected area’s Kid in Tharali during his visit
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CM Pushkar took the meeting and instructions given by him to officers
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CM giving a cheque to disaster victim in Tharali
CM PSD Visited the relief camp during his visit to Tharali
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उन्होंने आपदा में तहस-नहस मकानों को देखा। मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि का चेक सौंपा। बेघर लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुःख साझा किया। उनको पूरा सहयोग देने और फिक्र न करने का आश्वासन दिया। DM संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री को राहत कार्यों की रिपोर्ट दी।
राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है। मुख्यमंत्री के साथ थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता भी मौजूद थे।
PSD आपदा प्रभावित लोगों को रास्ते पर देख Protocol को तिलांजलि देते हुए उनके बीच जा पहुंचे। उनकी समस्याएं सुनीं और उनको हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। धराली की तरह थराली में भी उन्होंने संवेदनशीलता दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कुछ ग्रामीणों ने ऊपर के गांवों का भी जल्द से जल्द रास्ता खुलवा देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि रास्ता खुलाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। मार्ग सुरक्षित होने पर वह स्वयं वहाँ गांववासियों के साथ जाकर हालात का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री धराली आपदा के दौरान Peak Hours में लगातार 3 दिन तक वहीं रुके रहते हुए राहत एवं बचाव कार्य की खुद मॉनिटरिंग करते रहे थे।