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धराली-हर्षिल आपदा राहत::Governor गुरमीत ने CM पुष्कर के Role को सराहा:बोले,`Frontline Leader बन हौसला बढ़ाने पीड़ितों संग रहे’ रात-दिन

Chetan Gurung

Governor लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (vet) ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से धराली आपदा राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा को बेहतरीन करार देते हुए CM पुष्कर की भूमिका की तारीफ में कहा कि वह Frontline Leader के तौर पर पीड़ितों के साथ कई रात और दिन खड़े रहे। उन्होंने आपदा प्रभावितों की मदद तथा पुनर्वास के प्रयासों की जानकारी ली। VC के जरिये इन कार्यों को Live देखा। अधिकारियों का हौसला बढ़ाया।

CM Pushkar Singh Dhami की धराली सक्रियता की Governor गुरमीत सिंह ने अनुकरणीय-मिसाल करार दिया

 

राज्यपाल ने विपरीत परिस्थितियों में ग्राउंड जीरो पर कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग बाधित होने और मौसम की चुनौतियों महज पांच दिन के अंदर 1308 यात्रियों तथा स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाना बहुत बड़ी बात है। सेना, वायु सेना,NDRF,SDRF, पुलिस, ITBP और UCADA ने शानदार कार्य किया और कर रहे हैं।

Governor ने कहा कि धराली आपदा बहुत भीषण थी। मुख्यमंत्री पुष्कर ने आगे से Lead करते हुए उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को बाखूबी अंजाम दे के तमाम जिंदगियाँ बचाईं। देश और दुनिया के सामने खुद को उत्कृष्ट उदाहरण के तौर पर पेश किया।

उन्होंने कहा कि आपदा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी रखना तथा निरंतर सीखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुश्किल घड़ी में राज्य को हर संभव सहायता प्रदान की। आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनंद स्वरूप भी राज्यपाल के साथ मौजूद रहे।

लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि मानसून अभी जारी है। सभी उत्तरदायी अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने की आवश्यकता है। धराली के अनुभवों का डॉक्यूमेंटशन भी करना चाहिए। धराली तथा मुखबा को जोड़ने वाले पुल की स्थिति के बारे में भी पूछा।

ULMMC के निदेशक शांतनु सरकार ने बताया कि हर्षिल में बन रही झीन को चैनलाइज किया गया है। इसके जलस्तर में थोड़ी कमी आई है। अभी बड़ी मशीनों से कार्य किया जाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि ड्रोन से खीर गंगा की रेकी की गई है। जल्द इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी। CBRI के वैज्ञानिक डॉ. डीपी कानूनगो ने बताया कि धराली में पुल को नुकसान पहुंचा रही भागीरथी नदी की धारा को चैनलाइन किया जाएगा।

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