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Team PM मोदी-CM पुष्कर ने संभाला बचाव-राहत अभियान मोर्चा:सुबह ही उत्तरकाशी पहुँच Ground Zero पर PSD ने लिया हालात का जायजा:सिल्क्यारा Tunnel बचाव अभियान की तरह आज रात उत्तरकाशी ही Camp करेंगे

मोदी ने पुष्कर से हालात की रिपोर्ट ली:केंद्र से हर मदद का फिर दिया भरोसा:चिनूक-MI-17 Chopper जौली ग्रांट पहुंचे

CM पुष्कर सिंह धामी ने सुबह होते ही सबसे पहले उत्तरकाशी के ताजा हालात की जानकारी ली फिर हेलीकाप्टर से कुछ देर बाद आपदा क्षेत्रों में कुदरत के कहर का जायजा लेते हुए Ground Zero पर उतर गए। उत्तरकाशी के आपदा नियंत्रण कक्ष पहुँच कर राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की। आपदा प्रभावितों से मिलने क्षेत्र में गए। उनको गले लगा के सान्त्वना दी कि सरकार उनके हर किस्म के दुख-दर्द और मदद के लिए खड़ी है। PM नरेंद्र मोदी ने उनसे सुबह ही फोन पर उत्तरकाशी के ताजा हालात की जानकारी ली। आज की रात मुख्यमंत्री उत्तरकाशी में ही रुक के आपदा प्रभावितों और राहत-बचाव कर्मियों का हौसला बढ़ाने में जुटेंगे। मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार और पुष्कर की हिदायत पर राज्य सरकार की टीमें बचाव और राहत कार्य मोर्चों पर डटी हुई हैं।

उत्तरकाशी में प्रभावितों-घायलों-उनके बच्चों से मिल के हौसला बढ़ाते CM PSD

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मोदी ने केंद्र सरकार से हर वक्त और किस्म की सहायता का यकीन एक बार फिर CM को दिलाया। PSD ने Senior Officers और Army के अफसरों से भी ताजा जानकारी लेने के बाद सभी को राहत कार्य तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि धराली समेत सभी आपदा प्रभावित स्थानों पर Rescue-Medical Camps स्थापित कर दिए गए हैंउन्होंने कहा कि प्रभावितों के लिए भोजन एवं आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर दी गई है। सब कुछ युद्धस्तर पर चल रहे हैं। हादसे में कितनी मौतें हुईं और कितना नुक्सान हुआ, इसका अभी अनुमान लगाया जा रहा है।

 

CM Pushkar Singh Dhami Taking inputs from the Army Officers during his Uttarkashi visit after natural disaster

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राज्य सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने चंडीगढ़, सरसावा और आगरा से 2 चिनूक और 2 MI–17 हेलीकॉप्टर बुधवार तड़के ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचा दिए। सड़क यातायात बहाल करने के लिए चिनूक हेलीकॉप्टर से भारी मशीनरी भी पहुंचाई जा रही है. बचाव अभियान में सेना के 125 अधिकारी और जवान, ITBP के 83 अधिकारी और जवान लगे हुए हैं। BRO बीआरओ के 6 अधिकारी, 100 से अधिक मजदूरों के साथ सड़कों को खोलने में जुटे हुए हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों का भी उत्तरकाशी के लिए रवाना किया गया है। मनोचिकित्सक भी आपदाग्रस्त क्षेत्र में भेजे गए हैं।

झाला–हर्षिल में राहत शिविर ने काम करना शुरू कर दिया। सेना,ITBP के साथ ही SDRF, पुलिस, राजस्व विभाग की टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। इंटर कॉलेज हर्षिल-GMVN और झाला में राहत शिविर प्रारंभ हो गए हैं। बिजली और संचार नेटवर्क को बहाल किए जाने के प्रयास भी युद़धस्तर पर किए जा रहे हैं। NIM और SDRF लिम्चागाड में अस्थाई पुल निर्माण में भी जुट गई हैं। मंगलवार शाम को ही 3 IAS और 2 IPS अफसरों को राहत और बचाव अभियान में उत्तरकाशी भेज दिया गया।

मुख्यमंत्री ने सेना के अफसरों को अभियान में मुस्तैदी से जुटने के लिए शाबासी दी। ये भी साफ किया कि वह आज की रात उत्तरकाशी में ही गुजारेंगे और बचाव-राहत कर्मियों तथा अफसरों का हौसला बढ़ाएँगे। आपदा प्रभावितों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश भी करेंगे। सिल्क्यारा Tunnel हादसे के दौरान भी सभी फंसे लोगों के सुरंग से सुरक्षित निकाले जाने तक PSD ने मौके पर ही Camp कर सभी का मनोबल और हौसला बढ़ाया था।

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