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उत्तराखण्ड में Transport Revolution!EBRTS-Ropeway Project को रफ्तार:आवास सचिव डॉ. R राजेश ने संभाली CM पुष्कर के की सोच को उड़ान देने की कमान:देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश में Modern Transit Network होगा:ISBT-मसूरी डायवर्जन कॉरिडोर का Inspection

Chetan Gurung

उत्तराखंड की शहरी परिवहन व्यवस्था की दुनिया में Revolution लाने की तैयारी चल रही। देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश को Modern Transit Network से जोड़ा जाएगा। आवास सचिव डॉ. R राजेश कुमार को इस बाबत CM पुष्कर सिंह धामी ने तेजी से आगे बढ़ने की हिदायत दी हुई है। आज डॉ RRK की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड EBRTS Projects की समीक्षा की गई।  बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा भी शरीक हुए।


बैठक में त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे को मंजूरी दी गई। त्रिवेणी घाट से नीलकंठ मंदिर तक प्रस्तावित रोप-वे परियोजना को NoC मी गई है। यह परियोजना श्रद्धालुओं को राहत देने के साथ ही पर्वतीय यातायात दबाव को कम करने में भी सहायक होगी। निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए 30 वर्ष के कंसेशन पीरियड को भविष्य की परियोजनाओं में बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए गए।

हरिद्वार शहर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना (DDU पार्किंग-चण्डी देवी-मनसा देवी एवं मल्टीमॉडल हब) की DFC का अनुरोध भी किया गया। हरिद्वार शहर में PRT Projects में 1- सीतापुर से भारत माता मंदिर, 2- सिटी अस्पताल से दक्ष मंदिर,3- लालतारा चौक से भूपतवाला,4- गणेशपुरम से डीएवी पब्लिक स्कूल कॉरिडॉर बनने हैं। इस परियोजना में 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं।  कुल लंबाई 20.73 किमी होगी।

देहरादून में E-BRTS ई-31.52 किमी के 2 मेगा कॉरिडोर होंगे। प्रथम कॉरिडोर ISBT से रायपुर तक होगा। इसमें 35 स्टेशन होंगे। कुल लंबाई 31.52 किमी होगी। सचिव ने निगम अधिकारियों के साथ प्रथम कॉरिडोर का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि राजधानी की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर शहर के मुख्य आवागमन मार्गों को कवर करेगा और सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देगा।

देहरादून PRT के 3 कॉरिडोर 1- क्लेमेंटटाउन से बल्लूपुर चौक,2- पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन,3- गांधी पार्क से ISBT पार्क तक होंगे बैठक में सचिव ने उत्तराखण्ड की कार पार्किंग पॉलिसी-2022 का गहन अध्ययन कर भविष्य की सभी शहरी परिवहन परियोजनाओं में समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना पार्किंग प्रबंधन के कोई भी ट्रांजिट सिस्टम प्रभावी नहीं हो सकता। त्रिवेणी-नीलकंठ रोपवे और हरिद्वार रोपवे परियोजनाएं एडवांस स्टेज में हैं। उनको जल्द पूरा किया जाए।  सचिव ने कहा कि परिवहन नेटवर्क विकसित कर मुख्यमंत्री पुष्कर के Vision को सकार किया जाएगा।

 

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