
Chetan Gurung
चंपावत को आज उनके MLA और CM पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर सरकारी खजाने का फाटक खोलते हुए 170.15 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों-योजनाओं का जोरदार तोहफा दे डाला। उन्होंने माता रणकोची मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना भी की। मंदिर परिसर में ही जनसंवाद कार्यक्रम में लोगों से सीधे बात कर उनकी दिक्कतों को जाना और उनको भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर कार्यवाही की जाएगी।







मुख्यमंत्री ने ‘‘मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल’’ के अंतर्गत चम्पावत के ऐतिहासिक मंदिरों के पुजारियों को “कला, परंपरा और पहचान” किट भी बांटे। किट में वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें, पूजा सामग्री एवं अन्य सांस्कृतिक सामग्री शामिल थीं। इस पहल का उद्देश्य नशा मुक्त भारत एवं नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को साकार करना है।


उन्होंने 20 विकास परियोजनाओं में ₹ 33.95 करोड़ की 9 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹136.20 करोड़ की लागत की 11 योजनाओं का शिलान्यास किया। विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं सहायता सामग्री भी प्रदान की। चम्पावत के विकास के लिए 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। सीम, खेत, चूका एवं सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण कार्य, पूर्णागिरि मेला 2026 के सुचारु संचालन के लिए ₹2.5 करोड़ देने का ऐलान किया।
मोटर मार्गों के निर्माण और डामरिकरण की घोषणा भी की गई। जिला चिकित्सालय की निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट सहित अन्य मरीज सुविधाओं के विस्तार का कार्य, ग्राम सभा नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (ANM उपकेंद्र) की स्थापना सहित चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए 15 नाली भूमि उपलब्ध करना भी उनकी घोषणाओं में शुमार रहा। जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मूल मंत्र “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” है।
चम्पावत आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड का एक आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनेगा। DM मनीष और SP रेखा गुप्ता के साथ BJP के स्थानीय नेता भी इस मौके पर मौजूद थे। CM पुष्कर से मिलने के लिए स्थानीय बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे खासे उत्साहित दिखे। PSD भी उनसे मिलने उनके करीब पहुंचे। बच्चों और वृद्ध महिलाओं से बातें की। बच्चों के हाथ थाम के भी चले। उनको विशाल फूल माला पहनाई गई।


