
Chetan Gurung
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की खातिर “यू कोट वी पे” मॉडल में Selected Specialist Doctors की अलग-अलग जिलों में तैनाती को सरकार ने मंजूरी दे दी। सचिव (Medical Education-Health) Dr R राजेश कुमार ने कहा कि इस फैसले से उन इलाकों मे रहने वालों को लाभ होगा, जो लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे थे।

Secretary (Health-Medical Education) Dr R Rajesh Kumar
—————-
साक्षात्कार के पश्चात एनेस्थेटिस्ट, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा बाल रोग विशेषज्ञ पदों पर चयनित चिकित्सकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और उप जिला चिकित्सालय (SDH) में तैनात किया गया है। उनको संविदा पर 2.89 लाख से ले के 3.50 लाख रूपये मानदेय पर नियुक्ति दी गई है।
अल्मोड़ा के चौखुटिया CHC में एनेस्थेटिस्ट डॉ. R हेमचंद्रन, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. देविका खत्री तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत गुप्ता की तैनाती की गई है। चमोली के गैरसैंण स्थित उप जिला चिकित्सालय में एनेस्थेटिस्ट डॉ. विशाल प्रताप सिंह और प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पा भानुदास मुरकुटे को तैनात किया गया है। पौड़ी के बीरोंखाल CHC में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता थपलियाल की तैनाती की गई।
पिथौरागढ़ के डीडीहाट CHC में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. किशन सिंह महर अपनी सेवाएं देंगे। इन सभी नियुक्तियों को प्रारंभिक रूप से 11 माह की अवधि के लिए संविदा आधार पर किया गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ.R राजेश ने कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक उद्देश्य पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इन तैनातियों से न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी, बल्कि आपातकालीन एवं रेफरल सेवाओं पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जरूरत पड़ने पर भविष्य में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी।



