
Chetan Gurung
देहरादून: मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन ने कौशल विकास की जरूरतों के मुताबिक असरदार प्रशिक्षण योजनाएं तैयार करने और सभी जनपदों के ‘डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान’ को शीघ्र तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश बैठक में अफसरों को दिए।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए सरकार योजनाओं को तैयार कर उनको लागू कर रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उद्योग जगत तथा निजी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों की अहम बैठक आज इस बाबत आयोजित की गई।
AB ने चिंता जताई कि कई बार उद्योगों की मांग और प्रशिक्षण संस्थानों में दिए जा रहे प्रशिक्षण में अंतर देखा जाता है। इसे दूर करने के लिए उन्होंने प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार के अवसरों और प्रशिक्षण लक्ष्यों का सही आकलन करने की जरूरत है। जिन क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं लेकिन उनके अनुरूप पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए और प्रासंगिक कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएँ। उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने के लिए उभरते हुए कौशल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने पर भी उन्होंने ज़ोर दिया।
CS ने ‘सेतु आयोग’ के अध्ययनों का भी उपयोग करने के लिए कहा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता की नियमित जांच के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव C रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डे,अनुराधा पाल, नरेन्द्र सिंह भण्डारी सरकार की तरफ से मौजूद थे। भारतीय उद्योग संघ (उत्तराखंड) के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, CII (UK) के निदेशक गौरव लांबा और बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर से डॉ. सचिन शर्मा भी बैठक में थे।
—



