
Chetan Gurung
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलों की पुलिस में महिला आरक्षियों के पदों की संख्या मौजूदा 526 से बढ़ाकर 2,000 करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। सेवा मुक्त हो रहे 2 अग्निवीरों को PAC में समायोजित करने के प्रस्ताव पर भी दस्तखत कर दिए।

CM पुष्कर सिंह धामी
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इस महत्वपूर्ण योजना के तहत 1,474 अतिरिक्त पदों को अन्य संवर्गों एवं शाखाओं के स्वीकृत पदों से समायोजित किया जाएगा। इसके क्रियान्वयन के संबंध में कार्मिक विभाग ने शर्त रखी है कि बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार के तथा कुल स्वीकृत पदों की संख्या में कोई वृद्धि किए बिना, वर्तमान में कार्यरत 1210 अधिसंख्य महिला आरक्षियों का समायोजन किया जाएगा।
साथ ही, भविष्य में उनकी पदोन्नति के अवसर सुरक्षित रखने के लिए उच्चतर पदों के पुनर्गठन का पृथक प्रस्ताव भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस निर्णय से जनपदीय पुलिस बल में महिला आरक्षियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों के समायोजन और उनके उज्ज्वल भविष्य व पदोन्नति के अवसरों को भी बल मिलेगा।
CM पुष्कर ने कहा कि सरकार महिलाओं को सेवा के बेहतर और सुरक्षित अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह कदम पुलिस विभाग में उनकी कार्यक्षमता और सहभागिता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
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मुख्यमंत्री पुष्कर ने Indian Army से नवंबर-2026 में सेवानिवृत्त होने जा रहे अग्निवीरों के पहले बैच के दो अग्निवीरों को 40वीं वाहिनी PAC में उपलब्ध रिक्त पदों पर समायोजित करने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन प्रदान कर दिया। भारत सरकार ने पत्र में बताया है कि अग्निवीरों का पहला बैच इसी नवंबर में सेवामुक्त होने जा रहा है।

पत्र में उत्तराखण्ड के दो अग्निवीरों के समायोजन की अपेक्षा की गई थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सहमति प्रदान करते हुए 40वीं वाहिनी पीएसी में उपलब्ध रिक्त पदों पर दो अग्निवीरों के समायोजन को मंजूरी दी है। राज्य सरकार के इस निर्णय से सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को आगे भी सेवा का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है।
पुष्कर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई अग्निपथ योजना देश के युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को सशक्त कर रही है। सरकार का प्रयास है कि देश की सेवा कर चुके इन युवाओं को आगे प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिले। उनके सैन्य अनुभव, अनुशासन एवं दक्षता का लाभ राज्य को प्राप्त हो।



