
Chetan Gurung
BJP-Uttarakhand के अति महत्वाकांक्षियों की जमात को केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भीषण झटका दे के देहरादून से लौटे। प्रदेश Core Committee की बैठक में आने के दौरान उन्होंने CM पुष्कर सिंह धामी को मशविरा दिया,`अपनी सरकार की चौथी सालगिरह को धूमधाम और भव्य ढंग से मनाओ। हो सके तो PM नरेंद्र मोदी को निमंत्रित करिए। वह उपलब्ध न हों तो HM अमित शाह को Invite करिए’। जब नड्डा ने ये कहा तब उत्तराखंड के सभी Top दिग्गज-सूबेदार और सरदार साहबान उनके आजू-बाजू खड़े थे। अधिकांश बेहद महत्वाकांक्षी। सभी को धक्का लगा और साँप सूंघ गया। उनको नसीहत के साथ ये परोक्ष निर्देश भी आला कमान की तरफ से मिल गया। Assembly Election मौजूदा CM की अगुवाई में लड़ा जाएगा। फालतू बोलने और साज़िशों में खोए रहने का सिलसिला खत्म करें। ऐसा न हो कि खुद के या फिर खुद सरदार हैं तो प्यादों के टिकट पर आंच आ जाए। समझना होगा कि नड्डा जो बोलते हैं, सोच-समझ के बोलते हैं। बिना मोदी-शाह की मंजूरी या ईशारे के एक लफ्ज नहीं निकालते हैं।

PM Narendra Modi के साथ HM अमित शाह भी अगले महीने पुष्कर सरकार की चौथी सालगिरह समारोह में शामिल हो सकते हैं
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नड्डा आए तो थे स्वामीराम हिमालयन मेडिकल कॉलेज के समारोह और BJP कोर समिति की बैठक में लेकिन लौटे तो पुष्कर विरोधियों को मायूस कर गहरा झटका दे के। भाषण दिया तो मुख्यमंत्री PSD की तारीफ में जमीन-आसमान एक कर दिया। बोले कि सरकार शानदार काम कर रही है। पार्टी उनकी अगुवाई में विधानसभा चुनाव में उतरेगी। राजनीति की मामूली समझ भी रखने वाला जानता है कि नड्डा के वश का नहीं जो इतनी बड़ी बात अपनी तरफ से बोल सके। वे वही कहते हैं, जो PM-HM सोचते हैं और फैसला ले चुके होते हैं। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। संगठन के अहम और बड़े फैसलों का उनको भी भान रहता है। भान न हो तो वह एक लफ्ज भी शायद ही निकालेंगे।
वह ये भी जानते हैं कि मोदी-शाह की निगाहों में पुष्कर की क्या अहमियत और भाव है। इसलिए वह इतना खुल के बोलने का हौसला दिखा गए। इससे भी बड़ा झटका उन्होंने अनौपचारिक तौर पर बातचीत में अति महत्वाकांक्षियों को तब दिया, जब उन्होंने उनके ही सामने मुख्यमंत्री पुष्कर से कहा कि सरकार की अगले महीने होने वाली चौथी सालगिरह को भव्य ढंग से मनाएँ। इसमें हो सके तो प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रित करें। वह न आ सकें तो कोशिश करें कि गृह मंत्री और सरकार के Number-2 शाह को अवश्य निमंत्रित करें। पार्टी के एक बड़े अलमबरदार ने बताया कि उस वक्त सभी सरदार साहबान, जो सालों से ख्वाबों के तारों पर ख़्वाहिशों की धुन निकालने में जुटे हैं, के चेहरे देखने लायक थे।
JPN ने ऐसे सभी को सीधे समझो या फिर परोक्ष तौर पर हिदायत और ईशारा दे दिया कि नाहक मेहनत और साज़िशों के जाल बुनने में जुटना छोड़ें। पार्टी को फिर से सरकार में लाने के लिए PSD के साथ कंधे से कंधा मिला के कदमताल करना शुरू करें। सरकार रहेगी तो उनकी भी वकत होगी। अंदरखाने की खबर तो ये भी है कि मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान दिल्ली में शाह और नए BJP Chief नितिन नबीन पहले ही सभी के सामने खुल के बोल चुके हैं कि चुनाव की तैयारी में जुट जाएँ और पहले से ही शुभकामनाएँ (सरकार आने पर फिर मुख्यमंत्री बनने की) भी दे दी।
सियासी समीक्षक भी बदले सियासी हालत को देख-समझ सकते हैं। बतौर CM पुष्कर के आत्मविश्वास और बोल को देख-सुन के अंदाज हो सकता है कि मोदी-शाह और आला कमान के दिमाग में क्या है और क्या संदेश दे रहे। उधमसिंह नगर में पुष्कर ने सभा में साफ कहा, उसकी ध्वनि और अर्थ को समझना होगा। उन्होंने कहा,`कोई कहता है कि यहाँ से लड़ो-वहाँ से लड़ो (सीट का नाम ले के कहा)। मैं कहता हूँ कि हर सीट पर, सभी सीटों पर मैं ही लड़ रहा हूँ। आप ये समझिए’। पुष्कर का ये Statement बहुत बड़ा है। इससे पहले प्रत्याशी ये कहा करते थे कि उनको वोट देंगे तो वह सीधा मोदी जी को जाएगा। वह उनको नहीं मोदी जी को वोट दे रहे।
ये पहली मर्तबा होगा जब मोदी जी के साथ ही पुष्कर भी बतौर Brand विधानसभा चुनाव में होंगे। पार्टी के पुष्कर के खिलाफ जाल बुनने वाले खुद में बदलाव न लाने की सूरत में दिक्कतों में घिर सकते हैं। उनके टिकट को ले के संकट हो सकता है। उनका नहीं तो उनके चेलों और करीबियों के टिकट के दावे मिट्टी में मिल सकते हैं। ऊपर वही फैसला होगा जो पुष्कर और उनके विश्वासपात्र सरदार साहेबान-प्रदेश BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट चाहेंगे। भट्ट को मुख्यमंत्री के नज़दीकियों में शुमार किया जाता है।
खास बात ये भी है कि कुछ खामोश जहर किस्म के विरोधियों या फिर उनके चेलों की दशा अपनी विधानसभा में ही बदतर हो चुकी है। वे मैदान छोड़ के नई सरल-सहज चुनावी रणभूमि की तलाश में हैं। उनके लिए बदले सियासी हालात और PSD के और मजबूत हो के उभरने से विकट हो सकते हैं। उनको तभी राहत मिल सकती है, जब वे पुष्कर के शरणागत हो के उनका आशीर्वाद पा सके। उनके अलावा सभी की समझ में ये आ चुका है। CM के MG Road स्थित सरकारी आवास पर मंत्री-MP-MLAs और अन्य प्रमुख चेहरों की बढ़ती आमद इसको साफ जाहिर करती है। पुष्कर एक Record बना चुके हैं। वह उत्तराखंड में BJP सरकार के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री बन चुके हैं। उनके काँधों पर अब BJP को सरकार बनाने की Hat Trick लगाने का अहम जिम्मा है।



