
Chetan Gurung
BJP के अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी से फारिग होने के बावजूद केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज देहरादून में बहुत बड़ा Political Statement दिया कि उत्तराखंड में CM पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में उनकी Team शानदार काम कर रही है। उन्होंने ऐसा बोल के बेहद महत्वाकांक्षी और सरकार की सबसे बड़ी कुर्सी पर नजर गड़ाए बैठे सुल्तानों-सूबेदारों को 440 Volt का झन्नाटेदार झटका दिया। उनको ये संदेश दे दिया कि बेहतर है वे खामोशी के साथ पुष्कर के काँधों से कांधा मिला के साल-2027 के Assembly Elections फतह करने के मोर्चे पर जम जाएँ। सियासत की मामूली सी समझ रखने वाले भी समझते हैं कि इतनी बड़ी बात नड्डा कभी भी बगैर PM नरेंद्र मोदी और HM अमित शाह के ईशारे के नहीं कह सकते। उन्होंने आज इतनी अहम बात जुबान से निकाली तो उसको मोदी-शाह का संदेश मान लेना चाहिए। केंद्र-राज्यों की BJP सरकारों और संगठन में पत्ता तक दोनों की इच्छा के बगैर नहीं फड़कता है।

देहरादून में CM पुष्कर सिंह धामी से कुछ इस अंदाज में गले मिले केन्द्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा
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JPN ने इतनी अहम बात कहने और संकेत देने के लिए मंच भी बड़ा चुना। BJP प्रदेश Core Committee की देहरादून के जौलीग्रांट के होटल में बुलाई गई बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर की तारीफ के कसीदे बुने। पार्टी के सभी मौजूद सरदारों तक ये संदेश सहजता के साथ आज पहुँच गया कि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मोदी-शाह के संदेश वाहक बन के भी आए हैं। वह कहने आए हैं कि उत्तराखंड में बार-बार नेतृत्व परिवर्तन का शोर-शराबा मचाने वाले नाहक ताकत-ऊर्जा बर्बाद न करें। मोदी-शाह और आला कमान के परोक्ष फरमान को अल्टिमेटम समझें। नासमझ को नुक्सान भी हो सकता है। उत्तराखंड में बहुत हुआ तो मंत्रिमंडल का विस्तार मुमकिन है। एकाध नाकाम या उम्मीदों से परे समझे जाने वाले चेहरे सियासी नजरिए से बदल जाएँ तो दीगर बात होगी। दायित्वधारी जरूर बढ़ सकते हैं।
BJP में अंदर तक की खबरों और हलचल जानने के दर्जे तक पैठ रखने वालों की माने तो उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन का हो-हल्ला देहरादून के आशा रोड़ी-मोहंड सीमा तक ही रहता है। दिल्ली में इसका रत्ती भर भी असर सिवाय पुष्कर की जगह कुर्सी पर बैठने का ख्वाब सजाए बैठने वालों और उनके शिष्यों से इतर नहीं दिखता या महसूस होता है। नितिन नबीन ने जब पार्टी के अध्यक्ष का Charge लिया था तो उसी दिन कुछ ही क्षण बाद उन्होंने और BJP के Number-2 खुद मुख्तार अमित शाह ने BJP Ruled States के मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक में साफ-साफ PSD को कह दिया था कि आपको ही Assembly Elections का मोर्चा फतह करने की Hat Trick लगानी है। पुष्कर को तभी अग्रिम शुभकामनाएँ भी दे दी गई थीं। आज नड्डा ने एक किस्म से इस पर तस्वीर और साफ कर दी थी।
कोर कमेटी बैठक में CM पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में तमाम अहम मुद्दों पर मंथन हुआ। Cabinet Expansion के बाबत नड्डा के सामने इसकी जरूरत जताई गई। विधानसभा चुनावों के मद्देनजर और दायित्व बांटने को भी जरूरी करार दिया गया। नड्डा से अपेक्षा की गई कि वह इन दोनों मसलों को आला कमान और खास तौर पर PM-HM-नए Party Chief नितिन नबीन के सामने पेश करेंगे। बैठक में उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम और सह प्रभारी रेखा गैर हाजिर रहीं। प्रदेश BJP President महेंद्र भट्ट ने बैठक के बाद इस पर पत्रकारों को सफाई दी कि दुष्यंत किसी और जगह व्यस्त हैं। रेखा West Bengal में पार्टी के कार्यों को देख रहीं। उन्होंने कहा कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने के बाद यूं भी संगठन का ढांचा फिर से तैयार होना है।
नई कोर कमेटी की आज पहली बैठक थी। बैठक में बेशक कई बड़े और अहम मुद्दों पर विचार हुआ लेकिन सबसे बड़ा संदेश या फिर चेतावनी अति महत्वाकांक्षियों और Congress से अधिक सक्रिय हो के BJP-सरकार और CM को परेशानी में डालने का ताना-बाना बुनने वालों को मिली। MLAs और मंत्रियों में अधिकांश को हालांकि आज नड्डा की जुबान से मुख्यमंत्री पुष्कर के लिए निकले शब्दों से पहले ही एहसास हो चुका है कि परिवर्तन-सरिवर्तन कुछ नहीं होने वाला है। वे समझ चुके हैं कि बेहतर होगा मंत्री हैं तो कुर्सी बचाओ-MLA हैं तो खाली कुर्सी पाने के लिए CM पुष्कर को नमस्कार करो। वे मुख्यमंत्री आवास का रुख करने और PSD का आशीर्वाद हासिल करने में जुटे दिखाई भी दे रहे हैं। ऐसा करने वाले विधायकों की तादाद पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बढ़ती दिख रही। दायित्व पाने की हसरत पाले पार्टी के लोगों की भी आमद शहीद मेख गुरुंग मार्ग स्थित CM House में बढ़ रही।



