
Chetan Gurung
अपनी विधानसभा चंपावत और खास तौर पर टनकपुर को आज CM पुष्कर सिंह धामी ने ₹300 करोड़ से अधिक लागत की विकास योजनाओं के तोहफों से लाद दिया। कई योजनाओं का शिलान्यास एवं भूमि पूजन उन्होंने किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें शामिल शारदा River Front योजना से चंपावत और टनकपुर के विकास का दरिया बहेगा। PSD ने आज लोगों के साथ मुख्य बाजार में ढाबे पर चाय की चुस्की ली और गुड की कटकी का लुत्फ ले के सभी को चौंकाया और संदेश दिया कि सालों से और 2 बार सरकार के मुखिया होने के बावजूद वह उनके बीच के ही हैं।


PSD के हाथों विकास योजनाओं का बटन दबते ही शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण) कार्य ₹10,735 लाख, सिटी ड्रेनेज प्लान (प्रथम चरण) ₹6,649 लाख, नायर–खेरा क्षेत्र में डिजास्टर रेजिलिएन्स के लिए इकोलॉजिकल कॉरिडोर विकास ₹8,523 लाख, टनकपुर स्थित ग्राम पंचायत बस्तिया में टनकपुर–अस्कोट सीसी मार्ग पुनर्निर्माण ₹115 लाख समेत तमाम योजनाएँ आज से आकार लेने लगीं।


मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि शारदा रिवर फ्रंट (शारदा कॉरिडोर) परियोजना से इलाके का चौतरफा विकास होगा। चम्पावत को पर्यटन, आस्था तथा आधुनिक शहरी सुविधाओं के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। इन योजनाओं से शिक्षा, सड़क, पर्यटन, आपदा प्रबंधन, शहरी विकास तथा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाया जाएगा। इससे सीमांत क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्थानीय अर्थ व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को सीधा लाभ होगा।
PSDने कहा कि चम्पावत आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध भूमि है। यहाँ की आध्यात्मिक चेतना जीवन को दिशा देने वाली शक्ति है। टनकपुर की धरती पर आते ही उन्हें विशेष ऊर्जा का अनुभव होता है। चम्पावत आने वाले समय में एक आदर्श, सशक्त एवं आत्मनिर्भर जनपद के रूप में स्थापित होगा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति भी मौजूद थे।



उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना की। भंडारे में लोगों को भोजन बाल्टी थाम के परोसा। फिर लोगों के साथ बैठ के खुद भी भोजन ग्रहण किया। लोगों से आत्मीयता से मिले। वृद्ध महिलाओं ने उनकी बलाइयाँ लीं। उनको आशीर्वाद दिया। लोगों ने PSD को फूलों की बड़ी माला से स्वागत किया।
मुख्य बाजार में जब CM PSD आम लोगों के बीच जा पहुंचे और उनसे बातें करने लगे तो सभी उल्लास और खुशी से भरे दिखे। लोगों के साथ वह खुल के बात कर रहे थे। उनकी राय भी विकास के लिए ली और सरकार की योजनाओं पर Feedback लिया। वह मामूली ढाबे में अचानक पहुंचे। वहाँ लोग पहले से बैठे हुए थे। मुख्यमंत्री उनके साथ साधारण सी कुर्सी पर बैठ के चाय पीते रहे।



