
Chetan Gurung
Central Zonal Council (मध्य क्षेत्रीय परिषद) की Standing Committee (स्थाई समिति) की छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में 17वीं बैठक में उत्तराखण्ड के प्रमुख सचिव (CM-Forest) रमेश कुमार सुधांशु ने राज्य के विकास से जुड़े 13 अहम मुद्दों को ठोस और असरदार ढंग से पेश किया। ये किसी भी अन्य राज्य के मुक़ाबले सबसे अधिक थे। इन मुद्दों पर केंद्र सरकार की तरफ से सकारात्मक रुख प्रदर्शित किया गया। CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परिषद में मिले सुझावों पर अमल से योजनाओं के क्रियान्वयन में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।

बैठक में परिषद के सदस्य राज्य छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड और केंद्र सरकार के आला अफसरों ने शिरकत की। चारों राज्यों के सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, लंबित मामलों के समाधान और आपसी समन्वय को मजबूत करने संबंधी बिंदुओं पर मंथन और विमर्श हुआ।
प्रमुख सचिव सुधांशु ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य की ओर से सभी बिंदुओं को ठोस तर्कों और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया। भारत सरकार ने उन पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
बैठक में पिछली वाराणसी बैठक में उत्तराखंड की तरफ से पेश 11 बिन्दुओं पर प्रगति की भी समीक्षा की गई। इन बिन्दुओं में खाद्य सुरक्षा उपायों से संबंधित कार्यवाही, महिलाओं तथा बच्चों के यौन शोषण संबंधित प्रकरणों तथा पाक्सो से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही, फास्ट ट्रैक कोर्ट से संबंधित कार्यवाही, महिलाओं तथा बच्चों में कुपोषण की रोकथाम के उपाय पर विचार हुआ। Progress की रिपोर्ट ली।
उत्तराखण्ड ने 3 Best Practices प्रस्तुत की। राज्य-से-निवेश आपूर्ति श्रृंखला योजना(State to Pitch Supply Chain Plan), डिजिटल शिक्षा प्रबंधन प्रणाली (Digital Education Management System, DEMS) तथा सारा की तरफ से किए जा रहे जल संवर्द्धन/संरक्षण से संबंधित कार्य (Spring and River Rejuvenation) को पेश किया गया।
बैठक में राज्य से सचिव BVRC पुरुषोत्तम, सचिव विनोद कुमार सुमन, सचिव राजेंद्र कुमार, विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती, विशेष प्रमुख सचिव पराग मधुकर धकाते ने भी शिरकत की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि CZC स्थाई समिति की बैठक राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करने और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने का प्रभावी मंच है। उत्तराखण्ड ने बैठक में विकास, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ रखा।
उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से प्राप्त सहमति और सुझावों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य में योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इस बैठक की अहमियत के मद्देनजर उत्तराखण्ड ने ख़ासी तैयारी की थी। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागों से इसकी जोरदार तैयारी अपनी निगहबानी में कराई थी। अलग-अलग विभागों के साथ उन्होंने तैयारी बैठक की थी।



